घटनास्थल पर लगाए गए हैं चार कैमरे, हाथियों से हो रही कांबिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। न्यूरिया के पंडरी इलाके में बाघ की दहशत बरकरार है। किशोर पर बाघ के हमले की घटना से ग्रामीण नाराज हैं। उधर, वन विभाग की टीम बाघ की निगरानी में जुटी है। हाथियों से निगरानी की जा रही है। कैमरे भी लगाए गए हैं। बाघ की लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है।
खेत में गन्ने की छिलाई करते समय पंडरी निवासी नोखे सिंह के पुत्र अमर सिंह पर बृहस्पतिवार को बाघ ने हमला कर दिया था। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पहुंचे उसके साथियों ने बाघ को खदेड़कर उसकी जान बचाई थी। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग के प्रति आक्रोश है।
चर्चा है कि क्षेत्र में एक नहीं बल्कि दो बाघ हैं। बाघों की लोकेशन का पता लगाने के लिए चार कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही हाथियों से भी कांबिंग की जा रही है। घटना के बाद से वन विभाग को बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिल सकी है। अधिकारी कैमरों की फुटेज को देखकर स्थिति का पता लगाने में जुटे हैं।
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घटना के बाद मौके पर कैमरे लगाए गए हैं। हाथियों से कांबिंग कराई जा रही है। बाघ की अभी लोकेशन नहीं दिखी है। निगरानी टीम लगी हैं।
- मनीष सिंह, डीएफओ पीटीआर
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मथना क्षेत्र में गुरुद्वारे के पास दिखा बाघ
कलीनगर। माला रेंज से सटे मथना जपती क्षेत्र में शुक्रवार को बाघ की चहलकदमी देखी गई। इससे लोगों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ गुरुद्वारे के निकट माइनर क्षेत्र में घूमता दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि बाघ गन्ने के खेत में डेरा जमाए है। कुछ राहगीरों ने बाघ का वीडियो भी बनाया। मामले की जानकारी वन विभाग को दी गई है। बता दें कि फरवरी में इस इलाके में बाघ के हमले की कई घटनाएं हुईं। संंवाद