पीलीभीत। मनरेगा कार्याें में गड़बड़ी कर हजारों रुपये की निकासी पर मनरेगा लोकपाल ने प्रधान, पंचायत सचिव सहित चार लोगों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही वित्तीय अनियमितता की धनराशि को बराबर-बराबर बांटकर विभागीय खाते में जमा कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
मामला पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव टांडा का है। मनरेगा लोकपाल को सोशल मीडिया पर शिकायत मिली। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि रोजगार सेवक निरंकार गिरी ने श्रमिकों के पुराने फोटो का बार-बार इस्तेमाल कर अलग- अलग तिथियों के मास्टर रोल में फर्जी हाजिरी लगाई। मनरेगा निधि से करीब 22,680 की धनराशि निकाल ली। मामले की जांच के लिए बीडीओ पूरनपुर और अवर अभियंता लघु सिंचाई को जांच दी गई।
इसमें एडीओ पंचायत ने पक्ष में रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक को बचाने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट को खारिज करते हुए मनरेगा लोकपाल ने स्वयं पूरे मामले की जांच की। जांच में करीब 22,680 रुपये धनराशि का गोलमाल सामने आया। मामला सही पाए जाने पर मनरेगा लोकपाल ने प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक को दोषी पाते हुए चारों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मनरेगा लोकपाल ने बताया कि फर्जी हाजिरी लगाकर हजारों रुपये की निकासी कर ली गई। इस पर चारों पर जुर्माना लगाते हुए निकाली गई धनराशि को जमा कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।