ऐसा ही एक मामला बरखेड़ा के ग्राम आमडार में सामने आया है। इसमें प्रधान ने नाबालिग, मां और वृद्धावस्था पेंशन पाने वालों के नाम से धनराशि निकाल ली।
बरखेड़ा के ग्राम आमडार निवासी नेमचंद्र ने आठ सितंबर 2014 को डीएम को शिकायत देकर कहा था कि गांव के प्रधान शांतिस्वरूप और रोजगार सेवक ने सचिव के साथ मिलकर मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी की है। इसमें वर्ष 2012 से 2014 तक हुए कार्यों में हुई गड़बड़ी का हवाला देकर जांच की मांग की गई थी।
तीन माह तक चली जांच के बाद जो रिपोर्ट सामने आई वह चौंकाने वाली थी। इसमें पेंशन प्राप्त करने वालों, मृतकों और नाबालिग के नाम से हाजिरी दर्शाकर मनरेगा का धन हड़पा गया है। खासबात यह है कि जिन लोगों के नाम से धनराशि निकाली गई है वह सभी प्रधान और रोजगार सेवक के सगे संबंधी हैं। जांच में आरोप सही मिलने पर अब प्रशासन ने दो दिसंबर को प्रधान, रोजगार सेवक और सचिव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए हैं।
इन लोगों के नाम पर निकाली गई मजदूरी
राजेश्वर सफाईकर्मी
बाबूराम रोजगार सेवक का भाई
वीरमति प्रधान की पत्नी
अखिलेश प्रधान का नाबालिग बेटा
मेघनाथ वृद्धावस्था पेंशनधारक
तारादेवी प्रधान की मां
जयराम मृतक
होरीलाल पेंशनधारक
आमडार गांव में गड़बड़ी की शिकायत जांच में ठीक पाई है। इस पर प्रधान, रोजगार सेवक और सचिव को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीपी सक्सेना, डीपीआरओ