जिले में मनरेगा योजना वर्ष 2005 में शुरू की गई थी। हालांकि जिले में इसे 2008-09 को लागू किया गया। ब्लाक क्षेत्र में 68308 मनरेगा मजदूर जाब कार्ड धारक हैं। हालांकि इसमें से करीब तीस हजार मजदूर ही मजदूरी कर रहे हैं। शुरू में मनरेगा मजदूरों को सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जाता था। इसके बाद मजदूरी को बढ़ाकर 125 रुपये, फिर 142 रुपये, 156 रुपये और अब 161 रुपये प्रतिदिन किया गया है। मनरेगा की संयुक्त सचिव अपराजिता सारंगी ने इसके आदेश जारी किए है। एपीओ अजय कुमार ने बताया कि जिला मुख्यालय से अभी इसके आदेश प्राप्त तो नहीं हुए है, लेकिन शासन से मजदूरी बढ़ने की जानकारी प्राप्त हुई है।
सर्वाधिक हरियाणा में मिल रही मजदूरी
मनरेगा में मजदूरी के जो मानक तय किए गए है। इसमें सर्वाधिक 251 रुपये प्रतिदिन हरियाणा में मजदूरी दी जा रही है। जबकि असम में 179, आंध्र प्रदेश मेें 180, कर्नाटक में 204, मध्य प्रदेश में 159, मेघालय में 160 रुपये प्रतिदिन मजदूरी है।
मानदेय न बढ़ने से अन्य स्टाफ में रोष
मनरेगा मजदूरों की मजदूरी तो बढ़ा दी गई, लेकिन मनरेगा में लगे अन्य स्टाफ में एपीओ, कंप्यूटर आपरेटर, सहायक लेखाकार आदि का मानदेय अब तक एक बार भी नहीं बढ़ाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि मजदूरों की मजदूरी तो पांच बार बढ़ी, लेकिन उनका मानदेय एक बार भी नहीं बढ़ाया गया।