क्षेत्रीय किसानों ने 15 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को विधायक की अगुवाई में नगर में जुलूस निकाला और तहसील परिसर में धरना दिया।
विभिन्न
गांवों के सैकड़ों किसान सोमवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में जमा हुए और
वहां से राजस्व विभाग के विरोध में जुलूस निकालना शुरू कर दिया। जुलूस में
शामिल किसान अपनी मांगों से संबंधित पट्टिकाएं थामे थे और राजस्व विभाग के
विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। तहसील परिसर में पहुंचकर किसानों ने राजस्व
विभाग के विरोध में धरना दिया।
जुलूस और धरने का नेतृत्व भाजपा विधायक
रामसरन वर्मा ने किया। दो घंटा धरना देने के बाद विधायक ने किसानों की
मांगों से युक्त ज्ञापन तहसीलदार नन्हे लाल को दिया। ज्ञापन में दैवीय आपदा
पीड़ित किसानों का सर्वे कराने, पीड़ितों को मुआवजा दिलाने, सर्वे करने के
एवज में सुविधा शुल्क वसूल करने वाले राजस्व कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई
कराने, सर्वे में पक्षपात न किए जाने, फसली बीमा अनिवार्य कराने, पीड़ित
किसानों को खाद, बीज अनुदान पर दिलवाने, सर्वे में विलंब करने वाले
अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कराने, आपदा राहत राशि में
वृद्धि कराने, बंटाईदारों को भी क्षतिपूर्ति दिलवाने, किसानों को सस्ता
गल्ला दिलवाने, दैवीय आपदा में मरने वाले किसानों के घर वालों को पांच लाख
रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने, आपदा पीड़ित किसानों का बैंक ऋण, बिजली बिल
माफ कराने और आपदा पीड़ित किसानों के पाल्यों को नि:शुल्क शिक्षा दिलाने
की मांगें शामिल की गई हैं।
ज्ञापन में यह चेतावनी भी दी गई है कि इन
मांगों को 17 मई तक पूरा नहीं किया गया, तो 18 मई को पुन: तहसील परिसर में
धरना दिया जाएगा। धरना और जुलूस में रवि प्रजापति, गोपाल गंगवार, रामसेवक,
महीपाल गंगवार, विवेक वर्मा, शरद पाल, मंजीत सिंह, हरीशंकर, गुल्लू पहलवान,
महेश पाल, हरीओम, तेजराम, चरन सिंह, रूपलाल, कुंवर सेन, रमेश, मेवाराम,
राकेश, दयाराम, वीरेंद्र, झांझन लाल, शिवकुमार, रामऔतार और रामकिशोर समेत
तमाम किसान शामिल थे।