ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम स्तर से हुई जांच में पंचायत सचिव भी पाए गए दोषी
डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को जारी किया नोटिस, 15 दिनों में मांगा जवाब
पीलीभीत। मनरेगा योजना के अंतर्गत हुए तालाब के काम में एक दिन काम कराकर सात दिनों तक फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धनराशि निकाल ली गई। ग्रामीणों के शिकायत पर डीएम स्तर से हुई जांच में यह गड़बड़ी सामने आया। अब पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब मांगा गया है।
बीसलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत नकटिया निवासी सोमदत्त, बृह्मदत्त ने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को शपथ पत्र के माध्यम से शिकायत की। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ओमकार ने पंचायत सचिव सचिन कुमार के साथ मिलकर विकास कार्य के लिए आए रुपये का जमकर दुरुपयोग किया। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। जांच टीम ने गांव में पहुंचकर अभिलेखों की लोगों की मौजूदगी में जांच की, तो सामने आया कि गांव लोहार वाले तालाब की खुदाई के नाम पर श्रमिक किशन लाल से एक दिन काम कराया गया, जबकि सात दिनों तक बिना काम कराए करीब 1491 रुपये के धनराशि को निकाल लिया गया। इसके बाद पूरे मामले की जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई। इस पर प्रधान ओमकार को पूर्व में ही नोटिस जारी कर दिया गया। डीएम से मिले निर्देश के बाद डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए है। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि डीएम के आदेश पर पंचायत सचिव को नोटिस जारी किया गया है। जवाब आने के बाद संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संवाद