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नौकरी की तलाश को दिल्ली गया युवक लापता, ढूंढने को भटक रहे बुजुर्ग पिता

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लापता हेमकुमार। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। नौकरी की तलाश में दिल्ली गया शहर का युवक रहस्यमय ढंग से लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो बुजुर्ग पिता ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर मानवाधिकार आयोग में शिकायत की। फिर पीलीभीत में भी जांच शुरू कर दी गई। मगर 10 माह बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका है।
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सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक ओमकार सिंह गंगवार पुत्र बिहारीलाल ने बताया कि उनका 45 वर्षीय पुत्र हेमकुमार 15 मार्च 2020 को काम की तलाश में दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद से बेटे का कोई पता नहीं लग सका है। कुछ दिन बाद एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल करके खुद को दिल्ली पुलिस का सिपाही बताया था। उसने वीडियो कॉल के माध्यम से लापता बेटे के सड़क पर पड़ा मिलने और अस्पताल भर्ती कराने की बात कही थी। इसके बाद से कोई जानकारी नहीं दी गई। फिर कोरोना संकटकाल को देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन लग गया और पीड़ित दिल्ली नहीं जा सका। 28 मार्च को उनके दिल्ली निवासी भाई अश्वनी ने पुलिस में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा दी थी। उसी दिन रात करीब नौ बजे पोते अभिषेक के पास पुलिस कंट्रोल रूम दिल्ली से कॉल आई और लापता बेटे के बारे में जानकारी की। यह कहा कि गुमशुदगी पीलीभीत में दर्ज कराई जाए। यहां पर भी पुलिस अधिकारियों को पत्र दिए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कुछ दिन बाद क्राइम ब्रांच दिल्ली के एक पुलिसकर्मी ने फोन कर बताया कि हेम कुमार को 26 मार्च की रात साढ़े 10 बजे भर्ती किया गया था और दो घंटे बाद छुट्टी दे दी गई थी। अब वह कहां गया, इसकी कोई जानकारी नहीं है। परेशान बुजुर्ग पिता की ओर से जब मानवाधिकार आयोग में शिकायत की गई तो पीलीभीत के सीओ सिटी ने जांच के लिए बुलाकर बयान लिए थे। फिलहाल 10 माह से बुजुर्ग दिल्ली और पीलीभीत पुलिस के चक्कर लगाकर परेशान है। बुजुर्ग पिता ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मानवाधिकार आयोग में हुई शिकायत के बाद मामला संज्ञान में आया था। घटना दिल्ली में हुई है। लापता युवक के पिता को बुलाकर उनके बयान भी दर्ज किए गए गए हैं। इसे लेकर हरसंभव मदद की जाएगी। - वीरेंद्र विक्रम, सीओ सिटी
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