क्षेत्र का गन्ना खरीदने वाली चीनी मिलों पर किसान का 4535.89 लाख रुपया बकाया है। भुगतान में बरखेड़ा, संपूर्णानगर और पलिया चीनी मिल सबसे फिसड्डी है। गुलरिया चीनी मिल 23 जनवरी तक सप्लाई किए गए गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। गन्ना सहकारी समिति के सचिव टीएन त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र का गन्ना खरीदने वाली सात चीनी मिलों को अब तक 32.60 लाख क्विंटल गन्ना सप्लाई किया गया। चीनी मिलों ने बाजिब गन्ना मूल्य 9934.61 लाख में 5398.72 लाख रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया। चीनी मिलों पर 4535.89 लाख रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। उन्होंने बताया कि बरखेड़ा, संपूर्णानगर और पलिया चीनी मिल भुगतान में सबसे ज्यादा फिसड्डी है। पूरनपुर चीनी मिल करीब 73.39, बरखेेड़ा 16.44, पलिया 05.76, मकसूदापुर 25.98 प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। पूरनपुर चीनी मिल पर 1785.90 लाख रुपये, पीलीभीत पर 235.63, बरखेड़ा पर 537.93, पलिया चीनी मिल पर 1070.43, मकसूदापुर चीनी मिल पर 784.76, गुलरिया चीनी मिल पर 106.97 और संपूर्णानगर चीनी मिल पर 05.27 लाख रुपये गन्ना मूल्य वकाया है।
कुर्रैया गन्ना क्रय केंद्र गुलरिया को आवंटित
पूरनपुर। गन्ना सुरक्षण प्रस्ताव के बाद गन्ना आयुक्त ने कुर्रैया गन्ना क्रय केंद्र को दि किसान सहकारी चीनी मिल पूरनपुर को आवंटित किया था। इससे पहले उक्त क्रय केंद्र गुलरिया चीनी मिल के पास था। गन्ना आयुक्त के आदेश के खिलाफ गुलरिया चीनी मिल ने शासन में अपील की। विशेष सचिव गन्ना ने चीनी मिल को आवंटित कुर्रैया गन्ना क्रय केंद्र फिर गुलरिया चीनी मिल को आवंटित कर दिया है।
डीसीओ ने क्रय केंद्रों का किया निरीक्षण
पूरनपुर। जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर सिंह यादव ने क्षेत्र में चंदिया हजारा गन्ना क्रय केंद्र और चीनी मिल गेट के तौल कांटों और चीनी मिल गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने गन्ना क्रय केंद्र पर लॉटरी सिस्टम से केंद्र इंचार्ज की तैनाती कराई।