टाइगर रिजर्व नोटिफिकेशन के विरोध में सौंपा ज्ञापन
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
अखिल भारतीय किसान महासभा ने टाइगर रिजर्व नोटिफिकेशन को विधि विपरीत ढंग से जारी कराने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में जारी नोटिफिकेशन को वापस कराने, कानून का पालन और जन रक्षा की मांग की। एसडीएम को दिए एक अन्य ज्ञापन में बाघ का शिकार हुए बाबूराम के परिवार वालों को बीस लाख रुपये का मुआवजा दिलवाने की मांग भी की गई है।
अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक एवं भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता अलाउद्दीन शास्त्री के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचे महासभा के पदाधिकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व नोटिफिकेशन विधि विपरीत ढंग से खाना पूरी कर कराया गया है। जिसको लेकर शुरू से ही विरोध जारी है। ज्ञापन में कहा गया है कि टाइगर कंजर्वेशन प्लान बनाते समय वन प्रभाग ने वन अधिनियम की धारा 38 वीं और उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 11 एवं नियमावली 31 और 32 का परिपालन नहीं किया है। इससे जारी किया गया नोटिफिकेशन फर्जी है। कपटपूर्ण ढंग से जारी नोटिफिकेशन से 94 ग्राम सभाओं के लोगों को खेती किसानी आदि में क्षति हो रही है। जंगली पशु खेती को उजाड़ रहे हैं। बाघ पालतू पशु, मानव को अपना निवाला बना रहे हैं। ज्ञापन में नोटिफिकेशन को वापस कराने की मांग की गई। ज्ञापन देेने वालों में अलाउद्दीन शास्त्री, देवीदयाल, देवाशीष राय, रामकांती आदि थे। उधर, महासभा पदाधिकारियों ने एसडीएम को दिए एक अन्य ज्ञापन में बाघ का शिकार हुए गांव पिपरिया संतोष निवासी बाबूराम के परिवार वालों को बीस लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की भी मांग की।