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दो बीघा जमीन के सहाने परिवार पलता था मिहीलाल

Tue, 20 Jun 2017 11:23 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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दो बीघा जमीन के सहाने परिवार पलता था मिहीलाल
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शिवपुरिया निवासी 48 वर्षीय मिहीलाल दो बीघा जमीन पर खेती और मेहनत मजदूरी करके अपने का पालन पोषण करता था। उसने बड़ी बेटी की शादी का रिश्ता तय कर दिया था। मगर बेटी के हाथ पीले करने हसरत अधूरी रह गई।
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मिहीलाल के परिवार में पत्नी भाग्यवती के अलावा चार बच्चे मुनीश, रेखा, किरन व पंकज हैं। परिवार के भरण पोषण के लिए उसके पास मात्र दो बीघा जमीन है, जिस पर खेती करने के साथ मिहीलाल मजदूरी करते थे। उन्होंने कुछ पशु भी पाल रखे थे। मंगलवार को सुबह वह पशुओं के लिए घास लेने के लिए घर से निकला था, लेकिन खुद बाघ का निवाला बन गया। उसकी मौत की सूचना मिलने पर पत्नी भाग्यवती पर मानो पहाड़ टूट गया। जवान बच्चों की शादी ब्याह की जिम्मेदारी और परिवार का पालन पोषण अब वह कैसे करेगी? पति के न होने पर से कौन उसकी मदद करेगा? वह विलाप करके बार-बार बेसुध हो जा रही थी। भाग्यवती और उसके बच्चों की चीत्कार से मौके पर मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। 
10 लाख मिलेगा मुआवजा
बाघ के हमले में मारे गए परिवार को वनविभाग की ओर से पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा चूंकि वह किसान है और उसके नाम दो बीघा जमीन है। इसलिए कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत प्रशासन की ओर से पांच लाख का मुआवजा दिया जाएगा।
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