पीलीभीत। शहर के नौगवां चौराहा के पास स्थित आरोग्य मंदिर में मरीजों को परामर्श तो मिल जाता है, लेकिन लैब टेक्नीशियन न होने से जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की दौड़ लगानी पड़ती है। दवा के लिए भी कई-कई दिन अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शहर के मोहल्ला बागगुलशेर खां में आरोग्य मंदिर खोला गया है। इसमें एक चिकित्सक के अलावा स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए। बावजूद इसके अस्पताल में लैब टेक्नीशियन व स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं की गई है।
इससे अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को उपचार के लिए दो से तीन दिन चक्कर लगाने पड़ते हैं। कारण यह है कि डॉक्टर की ओर से लिखी गई जांच कराने के लिए मरीज को तीन किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद रिपोर्ट अगले दिन मिलती है।
बाद में मरीज को दवा के लिए दोबारा आरोग्य मंदिर जाना पड़ता है। इस तरह सामान्य बुखार में भी मरीज को दो से तीन दिन भटकना पड़ता है। इस वजह से महज 25 से 30 मरीज ही आरोग्य मंदिर में उपचार कराने के लिए पहुंच पाते हैं। स्टाफ नर्स की नियुक्त न होने से महिला मरीजों को भी काफी परेशानी होती है।
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संंकेतांक न होने से कई मरीजों को होती है दिक्कत
आरोग्य मंदिर मोहल्ला बागगुलशेर खां में निजी भवन में किराये पर चल रहा है। इसके पड़ोस में ट्रांसपोर्ट का कार्यालय है। आरोग्य मंदिर की जानकारी के लिए कोई संकेतांक नहीं लगाया गया है। इससे मरीजों को आरोग्य मंदिर की जानकारी नहीं हो पाती।
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मरीजों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होने दी जा रही है। स्टाफ को लेकर दिखवाया जाएगा और जल्द ही तैनाती भी करा दी जाएगी।
- आलोक कुमार, सीएमओ