शहर में बंद कराई गईं मीट की दुकानें
शहर में खुलेआम चल रही मीट की अवैध दुकानों पर आखिर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने विभिन्न स्थानों पर चल रही मीट की दुकानों को बंद कराया। इस दौरान सूचना पाकर बंद कर भागे 29 दुकानदारों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद अवैध बूचड़खाने बंद कराने के निर्देश दिए गए थे लेकिन जिले भर में मीट-मछली की अवैध दुकानें खुलेआम चल रही थीं। प्रमुख चौराहों एवं सड़कों के किनारे पशु-पक्षियों का वध कर मांस की बिक्री की जा रही थी। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में इसे प्रमुख से प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया। अधिकारियों ने इसको संज्ञान में लिया। चेटीचंद्र एवं झूलेलाल जयंती के अवकाश के बाद भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के अभिहीत अधिकारी वीके वर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई शुरू की। कोतवाली पहुंचकर टीम ने अपने साथ पुलिस बल को साथ लिया। इसके बाद पहले कोतवाली गेट के निकट तहसील रोड पर चल रही करीब एक दर्जन दुकानों को बंद कराया। इसके बाद स्टेशन चौराहा, गौहनिया चौराहा, नकटदाना सहित विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से चल रही दुकानों को बंद कराया गया। अभिहीत अधिकारी ने बताया कि इस दौरान दुकानदार दुकानें बंद कर चले गए। ऐसे 29 दुकानदारों को चिह्नित किया गया है। सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि खाद्य आयुक्त के निर्देश भी उन्हें प्राप्त हो गए हैं। इसके बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थों की दुकानों को नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीम लगातार निगरानी करेगी और अवैध दुकान खुली मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।