दि किसान सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र मंगलवार की रात तीन बजे बंद हो गया। मिल ने इस बार करीब 23.84 लाख क्विंटल गन्ना पेरा। खराबी को लेकर कई बार चीनी मिल बंद हुई। इससे गन्ना किसान और अफसरों को जूझना पड़ा। बता दें कि चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ 23 नवंबर को हवन, पूजन के साथ किया गया था। मिल में बार-बार खराबी न आए आदि को लेकर मिल चालू होने से पहले करीब सत्तर लाख रुपये की लागत से ओटोमेशन सिस्टम लगाया गया था, लेकिन इस बार चीनी मिल कुछ दिन ठीक चलने के बाद खराब होना शुरू हुई। अक्सर खराबी को लेकर बंद हुई चीनी मिल से किसानों को भारी असुविधा हुई। अफसरों और कर्मचारियों को भी जूझना पड़ा। चीनी मिल प्रबंध समिति बोर्ड की बैठक में भी मिल की खराबी का मुद्दा उठा। मिल की खराबी को लेकर अंतिम सप्ताह में मिल कैसे चलेगी आदि को लेकर अफसरों ने जिला गन्ना अधिकारी से मिलकर गन्ना डायर्जन कराने की मांग की। डीसीओ के गन्ना डायवर्जन से इनकार करने पर जैसे-तैसे बचे गन्ना को पेरकर मिल रात करीब तीन बजे बंद कर दी गई। मिल ने पेराई सत्र में 23.84 लाख क्विंटन गन्ना पेरा।