पीलीभीत। जिले के राजकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय को एमबीबीएस की 100 और सीटें मिल गईं हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने मेडिकल कॉलेज को 10 जुलाई को इसकी स्वीकृति दे दी। नया सत्र अगस्त से शुरू हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन बढ़ी सीटों के सत्र संचालन की तैयारी में जुट गया है। पैरामेडिकल कोर्स के संचालन की तैयारी भी हो रही है।
पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग पर स्थित मेडिकल कॉलेज को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। चिकित्सा आयोग ने कॉलेज में 100 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों को हरी झंडी दे दी है। पिछले वर्ष कॉलेज को 100 सीटों पर प्रवेश की पहली बार अनुमति मिली थी। दोनों सत्र पूरे होने पर 200 नए डॉक्टर मिलेंगे।
मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ने से जनपद और पड़ोसी जिलों के मेधावी विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। भविष्य में जनपद में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा।
प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि एनएमसी की ओर से 10 जुलाई को पत्र प्राप्त हुआ है। कॉलेज में नए सत्र के लिए 100 सीटें और बढ़ा दी गई हैं। नया सत्र अगस्त से शुरू होगा।
पीलीभीत के भी चार विद्यार्थी भी ले रहे चिकित्सा शिक्षा
पिछले वर्ष मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले 100 में से चार विद्यार्थी पीलीभीत जिले के हैं। इनका चयन काउंसलिंग के बाद हुआ। इन विद्यार्थियों का एक सत्र पूरा भी हो चुका है। 100 अतिरिक्त सीटें मिलने के बाद जिले के और बच्चों का भी चयन होने की संभावना है। पैरामेडिकल कोर्स के संचालन से भी जिले के विद्यार्थियों को फायदा होगा।
पैरामेडिकल की 100 सीटों पर भी होगा प्रवेश
मेडिकल कॉलेज पैरामेडिकल कोर्सों के संचालन की तैयारी भी कर रहा है। जिले में पैरामेडिकल की 100 सीटों पर प्रवेश होगा। यह सत्र भी अगस्त से शुरू हो जाएगा। पैरामेडिकल कोर्स में लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, एनेस्थिया एंड क्रिटिकल केयर, इमरजेंसी एंड ट्राॅमा केयर टेक्नीशियन, आडियोमेट्री, आर्थोपेडिक टेक्नीशियन आदि शामिल हैं। डीएनबी की सात सीटों पर भी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।
200 बेड अस्पताल के संचालन की तैयारी भी तेज
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांचों की सुविधा बढ़ी हैं। ब्लड बैंक की सेपरेशन यूनिट का संचालन भी शुरू हो गया है। वहीं 200 बेड का अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। इस अस्पताल के संचालन की कवायद भी तेज हो गई है।