भाकपा (माले) नेताओं ने टाइगर प्रोजेक्ट से किसानों व मजदूरों को हो रही दिक्कत से निजात दिलाने समेत जिले विभिन्न जन समस्याओं के समाधान के लिए पार्टी द्वारा किए जाने वाले आंदोलनों की रणनीति का खुलासा किया। नेताओं ने कहा कि जन समस्याओं को लेकर माले का संघर्ष जारी रहेगा।
बल्लभनगर स्थित पार्टी कार्यालय पर गुरुवार आयोजित प्रेसवार्ता में नवनिर्वाचित जिला सचिव देवाशीष राय ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में पूंजीवाद के संकट हल करने के लिए एशिया में और बाजार चाहिए। इसी पूंजी को आकर्षित करने के लिए मोदी सरकार ने मेक इन इंडिया का नारा दिया है। मजदूर वर्ग के अधिकारों में कटौती करने के लिए लगातार श्रम सुधार कानून लादे जा रहे हैं। जमीनी लूट को कारगर बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लादने की कोशिश की जा रही है। कहा कि भाजपा शासनकाल में हो रहे घोटालों से उसकी साख गिरी है। कांग्रेसी अपने को पुर्नजीवित करने के लिए भूमि अधिग्रहण कानून का विरोध कर रहे हैं। जिला कमेटी सदस्य अलाउद्दीन शास्त्री ने कहा कि भाकपा किसान मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए भूमि अधिग्रहण कानून, टाइगर प्रोजेक्ट, पुर्नवासित बंगलाभाषियों व अन्य किसानों की जमीनों की हो रही जबरन चकबंदी आदि के खिलाफ आंदोलन चला रही है। कहा कि दो सितंबर को मजदूर वर्ग की राष्ट्रव्यापी हड़ताल है, जिसको सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरा जाएगा। जिला कमेटी सदस्य व जिला पंचायत सदस्य रमा गैरोला ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के साथ अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं। सुरक्षा के नाम पर महिलाओं के साथ उल्टा दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इसके खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष किया जाएगा।