शहर के निकट देवहा नदी पर स्थित ब्रह्मचारी घाट पर सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने स्नान किया। इसके बाद ब्रह्मचारी मंदिर व गौरीशंकर मंदिर में पूजा अर्चना की। घरों में सुबह लोग स्नान कर पूजा अर्चना की। धार्मिक स्थलों पर कई अन्य स्थानों पर खिचड़ी के भंडारे हुए।
पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र में मौनी अमावस्या पर शारदा और गोमती नदी के घाटों पर मेला लगा। लोगों ने स्नान कर दान किया। नदी के घटों पर न पहुंच पाने वाले लोगों ने घरों में तिल और गंगाजल पानी में डालकर स्नान किया। तिल से निर्मित खाने की चीजों का दान किया।
बीसलपुर। श्रद्धालुओं ने मौन रहकर स्नान किया और आग में तिल चटकाकर परंपरा का निर्वहन किया। महिलाओं में इस पर्व को लेकर काफी उत्साह देखा गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ा स्थल मंदिर में फल बांटे। इस मौके पर भद्रपाल गंगवार, अनिल शुक्ला, महीप सिंह, राहुल देव मिश्रा, परमानंद गुप्ता, अशोक दीक्षित, डॉ. सुरेंद्र गंगवार, शिवेंद्र शुक्ला, विक्रम सिंह, एमएल वर्मा, अश्वनी गंगवार, प्रेम सागर, मुकेश गंगवार, आदेश कुमार, रामसरन बाल्मीकि, अचल दीक्षित और प्रमोद गंगवार समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद थे।
चुर्रासकतपुर। कस्बे में लोगों ने राहगीरों को चाय वितरित की। इसमें महेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, रोहित मिश्रा, राजीव मिश्रा, मुन्ना लाल, रामगोपाल शर्मा और सुरेंद्र सिंह आदि लोग शामिल थे।
हजारा। शारदा नदी के धनाराघाट पर मेले का आयोजन किया गया। इसमें हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान कर पूजा अर्चना की। यहां बड़ी संख्या में भंडारे भी हुए। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के अलावा लखीमपुर से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे। वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण पांटून पुल पार करने को काफी इंतजार करना पड़ा।
पांटून पुल से दो श्रद्धालु शारदा में गिरे
हजारा। विख्यात रामनगरियां मेला में शारदा नदी के पांटून पुल पर पुलिस की लचर व्यवस्था के चलते भीड़ उमड़ पड़ी और जाम लग गया। इस दौरान धक्का-मुक्की के चलते नवदिया की सोनिया, एंव मुरादपुर का एक किशोर पांटून पुल से शारदा में गिर गए। मौके पर मौजूद लोगाें ने तुरंत शारदा से बाहर निकाला जो दोनों पुरी तरह सुरक्षित हैं। जाम के चलते यात्री बसों का आवागमन बंद रहा।