पीलीभीत। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गोमती व शारदा नदी और लिलहर सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई। मंदिरों और घरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। खिचड़ी दान और प्रसाद वितरण किया। उधर, शहर के सत्य नारायण मंदिर पर मौनी अमावस्या और महंत ब्रम्हलीन चित्रकूट दास जी महराज की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान पंडित संदीप पांडेय, महंत दानवीर, समित सिंह, शैलेंद्र पांडेय, गोपाल, नितीश रस्ताेगी आदि मौजूद रहे।
गोमती उद्गम स्थल पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
कलीनगर। गोमती उद्गम स्थल के अलावा शारदा नदी पर श्रद्धालुओं की सुबह से ही भीड़ रही। तट पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद खिचड़ी भोज किया। गोमती पर भी श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए कई लोगों ने खिचड़ी भोज किया। सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्रीय पुलिस मौजूद रही। संवाद
मौन रहकर किया स्नान
बीसलपुर। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने नदियों के विभिन्न घाटों और घरों में मौन रहकर स्नान किया। उसके बाद आग में तिल चटकाए। तिल निर्मित चीजों का दान किया। इस कार्य में महिलाएं काफी सक्रिय दिखीं। कुछ श्रद्धालु एक दिन पहले ही गंगा नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान करने के लिए रवाना हो गए थे। इस क्षेत्र के काफी श्रद्धालुओं ने देवहा, माला, अमेड़ी, रपटुआ और खन्नौत नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान किया। संवाद
सरोवर में स्नान से कुष्ठ रोग का खत्मा
बिलसंडा। लिलहर गांव स्थित बाबा नीलकंठ मंदिर के सरोवर का अपना अलग महत्व है। मान्यता है कि यहां स्थित पवित्र चमत्कारी सरोवर में स्नान करने से कुष्ठ रोग खत्म हो जाता है। दूरदराज से बड़ी संख्या में लोग इस सरोवर में स्नान करने आते हैं। शुक्रवार को मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर गांव लिलहर में बने सरोवर में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। क्षेत्र एवं कई जिलों के श्रद्धालु यहां लगने वाले मेले में पहुंचे। इस बार संतों-भक्तों ने मौन डुबकी भी लगाई। स्नान के बाद लोगों ने भोले बाबा के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया। मेला में कई तरह की खेल खिलौना की दुकानें भी लगी। जिन पर लोगों ने खरीदारी भी की। संवाद
धनाराघाट पर लगा मेला, भीड़ उमड़ी
पूरनपुर। लोगों ने घरों में पानी में गंगाजल डालकर स्नान किया और रेवड़ी, मूंगफली आदि दान किया। शारदा नदी के धनाराघाट पर मेला लगा। लोगों ने शारदा नदी में स्नान कर दान किया। घाट पर लगे मेला में प्रसाद, खेल खिलौनों के अलावा खानपान की दुकानें लगी। भारी भीड़ को शारदा नदी के पैंटून पुल से बृहस्पतिवार शाम चार बजे ही वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था, इसके बाद पैदल यात्रियों की भारी भीड़ ने पुल से आवागमन किया। सुबह से शाम पांच बजे तक मेला में खासी भीड़ रही। संवाद
मौनी अमावस्या पर शारदा नदी पर लगी श्रंद्धालुओ की भीड़ । संवाद
मौनी अमावस्या पर शारदा नदी पर लगी श्रंद्धालुओ की भीड़ । संवाद
मौनी अमावस्या पर शारदा नदी पर लगी श्रंद्धालुओ की भीड़ । संवाद