पीलीभीत। झारखंड कांड को लेकर जुलूस निकालकर प्रदर्शन करने का मेसेज वायरल करने के बाद प्रशासन सख्त रहा। बृहस्पतिवार को रात भर मेसेज वायरल कर रहे लोगों की धरपकड़ के लिए दबिशें चली। चार को गिरफ्तार किया गया, तो पांच को हंगामे की आशंका पर नोटिस थमाए गए। शुक्रवार को भी दिन भर बताए गए तीनों स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती रही। अफसर खुद बंदोबस्त संभालने में जुटे रहे। सख्ती के चलते मेसेज वायरल करने वाले बैकफुट पर दिखाई दिए। न तो काई जुलूस निकाला गया, न ही किसी तरह का प्रदर्शन हुआ। बृहस्पतिवार शाम को झारखंड कांड का हवाला देते हुए कुछ लोगों ने सोशल साइट्स पर मेसेज वायरल करना शुरू कर दिए थे। इसमें शहर के मोहल्ला मदीनाशाह, कमल्ले चौराहा और बेलों वाला चौराहे पर मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों से एकत्र होने की अपील की गई थी। कहा गया था कि एकत्र होने के बाद जुलूस निकालकर प्रदर्शन होगा। इस मेसेज के वायरल होते ही जिला प्रशासन अलर्ट हो गया था। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी मनोज कुमार सोनकर ने साफ तौर पर किसी तरह के प्रदर्शन की अनुमति न होने की बात कहते हुए सख्ती कर दी थी। एक तरफ एएसपी रोहित मिश्र संगठनों से जुड़े मुख्य लोगों से बातचीत में जुट गए थे। वहीं बृहस्पतिवार को रात भर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल की अगुवाई में दबिशें दी गई। जिसके बाद मोहल्ला मदीनाशाह निवासी साजिद, असद अंसारी, खकरा निवासी फईम खां, मोहम्मद फारुख निवासी वीरेंद्र भारती चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पांच अन्य को हंगामे की आशंका से जुड़े नोटिस दे दिए गए। दूसरे दिन शुक्रवार सुबह से ही बताए गए तीनों स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। एसडीएम वंदना त्रिवेदी सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल बेलों वाला चौराहे पर फोर्स के साथ डटे रहे। मुनादी करते हुए लोगों से बेवजह सड़क पर जमा न होने की अपील की गई। शाम तक बंदोबस्त रहे। इसके बाद फोर्स हटा दिया गया। एसपी ने बताया कि वैसे तो रात में ही तीन संगठनों से जुड़े लोगों से बात कर ली गई थी। सभी ने प्रदर्शन न करने का आश्वासन दे दिया था। फिर भी वायरल हो रहे मेसेज को देखते हुए एहतियातन सुरक्षा के बंदोबस्त सख्त रखे गए थे। हिरासत में लिए गए चार लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया है।