संवाद न्यूज एजेंसी
माधोटांडा। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट की गई। देवरों पर अश्लील हरकतें करने का भी आरोप लगाया गया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी देकर घर से निकाल दिया गया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
माधोटांडा क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने माधोटांडा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी शादी 2012 में हुई थी। आरोप है कि सास-ससुर की मृत्यु के बाद पति और देवरों के साथ उनकी पत्नियां दहेज के लिए ताने देने लगीं। वे मायके से सोने की चेन और आठ लाख रुपये लाने का दबाव बनाते थे। मांग पूरी न होने पर मारपीट की जाती थी और कई-कई दिन खाना भी नहीं दिया जाता था। पीड़िता के मुताबिक, दो बेटे होने के बाद भी ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला।
उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया, इसके बाद वह एक धार्मिक स्थल में चार महीने तक रही। बाद में ससुराल पक्ष के लोगों के माफी मांगने और दोबारा प्रताड़ित न करने का आश्वासन देने पर वह वापस लौट आई। आरोप है कि कुछ समय बाद फिर से उत्पीड़न शुरू हो गया। देवरों पर अश्लील हरकतें करने और विरोध पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया गया है। 30 सितंबर को पीड़िता की मां उससे मिलने पहुंचीं तो पति, देवरों और उनकी पत्नियों ने उनके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट की।
आरोपियों ने मां-बेटी को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद मां बेटी को अपने साथ मायके ले आईं। पुलिस ने पति के अलावा छह अन्य ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की। सीओ विधि भूषण मौर्य ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।