तैयार की जा रही गणेश प्रतिमाएं। संवाद
पीलीभीत। गणेश चतुर्थी को लेकर जिले के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। जगह-जगह भगवान श्री गणेश की मूर्तियों की दुकानें सज गई हैं। पूजा-पंडालों और घरों में स्थापना के लिए लोग अपनी पसंद के अनुसार मूर्तियां खरीद रहे हैं।इसके साथ ही मुकुट, माला, वस्त्र, कृत्रिम फूल और अन्य सजावटी सामान की खरीदारी भी जोर पकड़ने लगी है। महंगाई का असर गणेश मूर्तियों की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। कच्चे माल, रंग, सजावट और कारीगरों की मजदूरी महंगी होने से पिछले वर्ष की तुलना में भाव 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इसे लेकर शहर के प्रमुख बाजारों के साथ ही टनकपुर रोड किनारे मूर्तियों की दुकानें सज गई हैं। दूर-दराज से आए कारीगर कई माह पहले से मूर्तियां तैयार करने में लगे हैं।
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तीन माह से प्रतिमा बनाने में जुटा है परिवार
राजस्थान के पाली जिले के मूल निवासी मूर्तिकार बद्री प्रसाद अपने परिवार के साथ पिछले तीन माह से शहर के टनकपुर रोड किनारे रहकर प्लास्टर ऑफ पेरिस से गणेश प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब 15 वर्षों से गणेश चतुर्थी के साथ अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाने का काम कर रहे हैं। शुरुआती वर्षों में गणेश चतुर्थी पर उनकी ओर से महज 10 से 12 मूर्तियां तैयार की जाती थीं, लेकिन पिछले पांच वर्षों में जिले में मूर्तियों की मांग लगातार बढ़ी है।
बद्री प्रसाद के मुताबिक इस बार कच्चे माल, रंग और सजावट के सामान के साथ कारीगरों की मजदूरी में भी इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर प्रतिमाओं की लागत पर पड़ा है। इस वर्ष छह फुट की गणेश मूर्ति करीब 14 हजार रुपये में उपलब्ध है। उनके पास फिलहाल 101 रुपये से लेकर 14,500 रुपये तक की अलग-अलग आकार और डिजाइन वाली मूर्तियां मौजूद हैं।
बजट के मुताबिक पसंद की जा रहीं छोटी प्रतिमाएं
बढ़ी कीमतों के बीच इस बार खरीदारों का रुझान दो से तीन फुट ऊंची मूर्तियों की ओर अधिक दिखाई दे रहा है। लोग अपने बजट को ध्यान में रखकर स्थापना के लिए प्रतिमा चुन रहे हैं। बाजार में दो से तीन फुट की मूर्तियों की कीमत करीब तीन से चार हजार रुपये से शुरू हो रही है। मूर्तिकार गोवर्धन ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार समान आकार की प्रतिमाओं के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। तीन फुट की जो प्रतिमा पहले करीब पांच हजार रुपये में मिल जाती थी, उसकी कीमत अब सात हजार रुपये तक पहुंच गई है।