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शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र के 1100 अतिक्रमणकारी चिह्नित

Mon, 15 May 2017 10:24 PM IST
Marked 1100 encroachment in the barred area of Sharda Dam
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शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र के 1100 अतिक्रमणकारी चिह्नित
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 सिंचाई विभाग ने शारदा सागर डैम की भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में डैम के जीरो किलोमीटर से लेकर 22 किलोमीटर तक 1100 अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर सूची आला अफसरों को भेजी है। यह कार्रवाई प्रदेश की नई सरकार के निर्देश पर की जा रही है। शारदा सागर डैम के जीरो किलोमीटर से दस किलोमीटर का क्षेत्र डैम की प्रथम सबडिवीजन के अधीन है और दस किमी से 22 किलोमीटर का क्षेत्र द्वितीय सबडिवीजन के हवाले है। डैम के 600 फिट की चौड़ाई वाले क्षेत्र में जीरो किमी से लेकर 22 किमी तक अतिक्रमण है। इसे लेकर प्रदेश की नई सरकार ने सभी विभागों में भूमि के अतिक्रमणकारियों की सूची मांगी है। सिंचाई विभाग ने भी प्रत्येक दो किलोमीटर पर एक सींचपाल को सूची बनाने की जिम्मेदारी सौपीं थी। बताते हैं कि इस क्षेत्र मेें कुछ लोग अतिक्रमण कर खेती कर रहे हैं तो कुछ लोगों ने कच्चे व पक्के आवास बना लिए हैं। इसमें कुछ अतिक्रमणकारी बाढ़ पीड़ित हैं, लेकिन अधिकांश ऐसे भी हैं जो बाहर से आकर यहां बस गए थे। सिंचाई विभाग के जिलेदार सुरेंद्र पाल सिंह बताते हैं प्रथम सबडिवीजन में जीरो से दस किलोमीटर तक लगभग 550 अतिक्रमणकारियों को चिह्नित किया गया हैं। दसवें किमी से लेकर 22 किलोमीटर तक भी 550 के आसपास अतिक्रमणकारी चिह्नित किए गए हैं। जो सिंचाई विभाग की भूमि पर खेती भी कर रहे हैं और कच्चे व पक्के मकान भी बना लिए हैं। इस समय सरकार अतिक्रमणकारियों के मामलों में सख्त हैं। अधिशासी अभियंता के निर्देश पर पूरे शारदा सागर डैम के इलाके से लगभग 1100 अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर सूची सहायक अभियंता के माध्यम से अधिशासी अभियंता को भेजी गई हैं। जो जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। बताया कि यह अतिक्रमण कई वर्षों से नासूर बनता जा रहा है और सिंचाई विभाग के प्रयासों के बावजूद नहीं हट पा रहा था। अब शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। दरअसल कुछ बाढ़ पीड़ित ऐसे हैं जो शारदा पार तो बसे हैं और खेती भी शारदा पार कर रहे हैं। इसके बावजूद शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में कब्जे जमाए बैठे हैं। इस मामले में अवर अभियंता रामेश्वर दयाल बताते हैं कि शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में अतिक्रमण कानूनी जुर्म है। इन लोगों को जो 1171 एकड़ भूमि भूमिहीनों के लिए ट्रांसफर की गई थी। उस पर बसा देना चाहिए था। इधर डैम के 17 से 22 किमी के मध्य डैम के भीतरी हिस्से में भी लोग कालोनी बसाकर बैठ गए हैं। जहां डैम को पानी से भरते समय दिक्कत पैदा होती है।      
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