पीलीभीत। गांव के ही रहने वाले अपने दोस्त को सड़क पर पिटता देख बचाने के प्रयास में यामीन के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने पहले बीच बचाव करने पर मारपीट की और फिर तमंचे से यामीन को गोली मारकर फरार हो गए थे। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सोमवार को हत्याकांड का खुलासा किया। मुख्य आरोपी अभी पकड़ा नहीं जा सका है।
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के नौगवां पकड़िया गांव निवासी यामीन (35) पुत्र अशफाक की बृहस्पतिवार शाम सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह रोज की तरह रोडवेज के पास स्थित लकड़ी की टाल से काम कर पैदल घर जा रहा था। इसी दौरान ईदगाह रोड पर करबला मोड़ पर घटना हुई थी। पत्नी शहाना से मिली तहरीर पर सुनगढ़ी पुलिस ने मोहल्ला फीलखाना निवासी बंटी, इमरान और एक अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। सरेशाम हुई हत्या की वारदात का खुलासा करने के लिए एसपी जयप्रकाश ने दो टीमों का गठन किया था। एक टीम में थाना प्रभारी श्रीकांत द्विवेदी, असम चौकी प्रभारी अचल कुमार, जबकि दूसरी टीम एसओजी प्रभारी नरेश कश्यप की अगुवाई में थी। पुलिस ने सुरागरसी की तो हत्यारोपियों की संख्या भी तीन से बढ़कर चार हो गई। नामजद किए गए बंटी, इमरान के अलावा मोहल्ला फीलखाना निवासी अमान और नौगवां पकड़िया गांव के आजम का नाम भी सामने आया। पुलिस ने दो दिन पूर्व दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर भी दबिश दी थी। वहां से पुलिस दो आरोपियों को पकड़कर ले आई थी। एक अन्य आरोपी भी हत्थे चढ़ गया था। सोमवार को पुलिस ने आरोपी बंटी, आजम और अमान की बरेली हाईवे पर देवहा पुल के पास से गिरफ्तारी दिखाई। फिर दोपहर 12 बजे इंस्पेक्टर श्रीकांत द्विवेदी ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया। तीनों आरोपियों को चालान कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। उनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद हुई है। हालांकि गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी इमरान अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है।
इस तरह अंजाम दी गई हत्या की वारदात
पुलिस के अनुसार यामीन का दोस्त नौगवां पकड़िया निवासी काके उर्फ मुजाहिद बाइक से शाम को करबला से होते हुए घर लौट रहा था। दूसरी बाइक पर इमरान, बंटी और अमान आ रहे थे। यह तीनों चौथे आरोपी आजम के घर से आ रहे थे। करबला मोड़ पर दोनों की बाइक टकरा गई। कहासुनी के बाद आरोपियों ने काके की सड़क पर गिराकर पिटाई करने लगे। इसी दौरान यामीन पैदल घर जा रहा था। उसने दोस्त काके को सड़क पर पिटते हुए देखा तो बचाने के लिए पहुंच गया। बीच बचाव का प्रयास करते ही आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। उसकी पहले पिटाई करने लगे। शोर-शराबा होने पर अन्य लोगों को आता देख, मुख्य आरोपी इमरान ने तमंचा निकालकर यामीन के सिर में गोली मार दी। इसके बाद तीनों भाग गए। हत्या को अंजाम देने के बाद वे सीधे आरोपी आजम के पास पहुंचे। फिर आजम, बंटी और अमान को अपनी ससुराल दिल्ली ले गया। वहां पर उन्हें शरण दिलाई थी। मगर, इमरान उनके साथ नहीं गया था।
दोस्त की पिटाई देखकर बीच बचाव कराने के लिए यामीन पहुंचा था। उसी दौरान आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। भीड़ जुटता देख इमरान ने गोली चला दी थी। तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही हैं। - जयप्रकाश, एसपी