पीलीभीत। मनरेगा में करोड़ों रुपये का घोटाला करने वाले एपीओ पर अभी और शिकंजा कसा जाएगा। शासन स्तर से शुरू हुई विजिलेंस जांच के बाद अब उसकी फर्म के खाते को भी सीज किया जाएगा। डीसी मनरेगा को इसका प्रस्ताव बनाकर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रिकवरी को लेकर भी कार्रवाई को गति दी जाएगी।
शासन स्तर पर हुई शिकायत के बाद मनरेगा के तहत अमरिया ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में कराए गए कामों की जांच की गई थी। सीडीओ द्वारा की गई जांच में सामने आया था कि एपीओ अजय कुमार ने निजी फर्म और फर्जी मस्टररोल बनाकर योजना में करोड़ों का घोटाला किया। शासन ने एपीओ और तीन रोजगार सेवकों को बर्खास्त कर दिया था। 27 अगस्त को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर चारों को जेल भेज दिया था। शासन स्तर से बीते दिनों मामले की विजिलेंस जांच भी शुरू कराई गई है। अब प्रशासन भी सख्त कार्रवाई करने के मूड में है।
यहां बता दें कि एपीओ ने अपनी फर्म के नाम से दो बैंकों में खाते खुलवा रखे थे। एक खाते से लेनदेन नहीं किया जाता था। शिकायत के वक्त बचने के लिए उस खाते का इस्तेमाल होता था। दूसरे खाते में 3.64 करोड़ के लेनदेन का हिसाब मिला था। उसमें करीब 33 लाख रुपये जमा भी निकले थे। अब इस खाते को सीज किया जाएगा। इसके लिए मनरेगा के अधिकारियों को कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिकवरी को लेकर भी कार्रवाई शुरू कराई जाएगी। उधर, डीएम पुलकित खरे ने भी बीते दिनों सीडीओ से संपत्ति की जांच को लेकर प्रगति रिपोर्ट तलब की थी। इस पर भी सभी बिंदुुओं पर आख्या जल्द डीएम को दी जाएगी। पत्रावली तैयार कराई जा रही है। सीडीओ श्रीनिवास मिश्र ने बताया कि अभी तक फर्म का खाता सीज नहीं किया गया था। डीसी मनरेगा को खाता सीज कराने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। अब इस खाते से कोई लेनदेन संभव नहीं हो सकेगा।