केंद्रीय विद्यालय के भवन के निर्माण के लिए शनिवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शिलान्यास किया। उन्होंने निर्माण संस्था से इसका निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर प्रधानाचार्य के मौजूद न होने पर उन्होंने डीएम को फोन कर प्रधानाचार्य को निलंबित करने के निर्देश दिए।
वर्ष 2008 में स्वीकृत हुआ केंद्रीय विद्यालय अभी तक ग्राम्य विकास संस्थान के भवन में चल रहा है। इसके भवन निर्माण के लिए पिछले दिनों ड्रमंड राजकीय कॉलेज की पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई थी। शनिवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी यहां पहुंची और उन्होंने विद्यालय शिलान्यास के शिलापट का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार से इसके बारे में जानकारी ली। इस पर उन्होंने बताया कि 1074 लाख की लागत से बनने वाले इस विद्यालय में 32 कमरे होंगे। साथ ही स्टाफ के लिए आवासों का निर्माण कराया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने अधिशासी अभियंता से निर्धारित डेढ़ साल में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान केंद्रीय विद्यालय के छात्रों के अभिभावकों ने उन्हें ज्ञापन देकर कक्षा 11 से पढ़ाई बंद किए जाने की जानकारी देकर बच्चों का भविष्य खराब होने की शिकायत की। इसके लिए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानाचार्य को तलब किया, लेकिन वह यहां मौजूद नहीं थी। विद्यालय भवन के शिलान्यास के समय उनके अनुपस्थित रहने और अभिभावकों द्वारा उनकी शिकायत किए जाने पर केंद्रीय मंत्री ने डीएम को फोन प्रधानाचार्य को निलंबित किए जाने के निर्देश दिए। इस मौके पर चेयरमैन प्रभात जायसवाल, रेखा परिहार, प्रमोद अग्रवाल, रंजीत कुमार, अश्विनी कुमार, डॉ. सुधीर शर्मा, टीटू चौहान, अजय सिंघल, चंद्रशेखर सहित कई लोग मौजूद रहे।