- केंद्रीय मंत्री ने ली अनुश्रवण समिति की बैठक
- नेशनल हाइवे की सड़कों के कार्यों की निगरानी को कहा
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने गांधी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। जिले की सड़कों और बिजली की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही विधायकों पर भी तंज कसा।
कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री ने एजेंडे से अधिक अन्य बातों पर चर्चा की। उन्होंने सड़कों की खराब दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त की। स्टेट हाइवे की चंद समय में ही सड़क टूट रही है इसकी जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही नेशनल हाइवे की सड़कों के कार्यों की निगरानी भी होनी चाहिए। उन्होंने खराब सड़कों की सूची बनाकर क्रमवार मरम्मत कराने के निर्देश एक्सईएन पीडब्ल्यूडी को दिए। बिजली की दुर्दशा पर भी एक्सईएन विद्युत से नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने शेड्यूल के अनुसार सप्लाई देने, 1400 गांव व मजरों में विद्युतीकरण का कार्य जल्द पूरा कराने एवं जर्जर लाइनों को बदलवाने के निर्देश दिए। कौशल विकास मिशन के तहत चल रहे प्रशिक्षण को तमाशा बताते हुए उन्होंने काफी नाराजगी जताई और रोजगार परक प्रशिक्षण दिलाने को कहा। कृषि अधिकारियों से परंपरागत खेती के स्थान पर दाल, औषधीय पौधों और पॉलीहाउस आदि के प्रति किसानों को प्रेरित करने को कहा। पूरनपुर में रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण पूरा न होने पर डीएम से जानकारी ली और रुकावट दूर कराकर इसका काम चालू कराने के निर्देश दिए। बैठक में डीएम मासूम अली सरवर, सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, एएसपी विकास कुमार वैद्य सहित कई अधिकारी एवं समिति की सदस्य आशा मिश्रा, एमआर मलिक, बाबूराम पासवान, धर्मपाल वर्मा के अलावा देवेंद्र टोनी, रेखा परिहार, टीटू चौहान, प्रवक्ता नंद, प्रदीप जायसवाल लल्लन सहित कई लोग मौजूद रहे।
विधायकों पर कसा तंज
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने जिले के विधायकों पर जमकर तंज कसा। बीसलपुर से भाजपा विधायक रामसरन वर्मा का नाम लेकर कहा कि 10 करोड़ रुपया पड़ा हुआ है, लेकिन काम नहीं करा रहे। वहीं, पूरनपुर विधायक पर आरोप लगाया कि उनके सभी कार्यों का ठेका उनके भांजे को दिया जा रहा है। पूरनपुर में कोतवाली रोड के चंद दिनों में टूटने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विधायक के भांजे से ही उसी स्टीमेट से मरम्मत कराने को भी कहा। केंद्रीय मंत्री की इस टिप्पणी से बैठक में सन्नाटा छा गया और अधिकारी एक-दूसरे को देखकर मौन प्रतिक्रिया व्यक्त करते देखे गए।