Mandatory retirement given to Principal Clerk of Vikas Bhawan
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योगी सरकार के 50 साल से अधिक आयु के कर्मचारी और अधिकारियों की स्क्रीनिंग कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के फरमान पर जिले में कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके तहत सीडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने विकास भवन के प्रधान लिपिक रसकेेंद्र प्रकाश को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। डीएम ने विकास भवन के कर्मचारियों की स्क्रीनिंग के लिए सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इसमें सीडीओ के अलावा डीडीओ एसके उपाध्याय, एआर (कोआपरेटवि) राजेश कुमार सिंह व जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू को रखा गया था। कमेटी ने कई कर्मचारियों की जांच एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद प्रधान सहायक रसकेंद्र प्रकाश को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का निर्णय लिया। डीएम से अनुमोदन के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश जारी कर दिया गया। बता दें कि 56 वर्षीय रसकेंद्र प्रकाश लगभग 31 वर्षों से विकास भवन में तैनात थे। गत वर्ष बिलसंडा में ग्राम पंचायत अधिकारी की फर्जी नियुक्ति के मामले में वह सस्पेंड चल रहे थे। सोमवार को हुई इस कार्रवाई से विकास भवन में सनसनी फैल गई। सीडीओ के सेवानिवृत्ति के दिन हुई इस कार्रवाई पर भी तरह तरह की चर्चाएं होती रहीं। सीडीओ ने बताया कि स्क्रीनिंग की प्रक्रिया कई दिन से चल रही थी। कार्रवाई पूर्ण होने पर आदेश जारी किया गया है।