पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में फोन कर बुलाए गए न्यूरिया थाना के गांव टोडरपुर के सुखदेव सिंह की सेवानिवृत्त फौजी पूरन सिंह के घर में शनिवार सुबह गोली लगने से मौत हो गई, जबकि सेवानिवृत्त फौजी की पत्नी गुरमीत कौर गोली लगने से घायल हो गईं। उन्हें सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृतक के पिता हरजिंदर सिंह ने सेवानिवृत्त फौजी और उसकी पत्नी पर पुत्र की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने जांच की। एएसपी ने भी पहुंचकर घटना की जानकारी की। प्राथमिकी दर्ज न होने तक शव चार घंटे घटनास्थल पर ही पड़ा रहा।
घटना पूरनपुर से सटे मैगलगंज हाईवे के समीप के गांव नरायनपुर की है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को युवक की गोली लगने से मौत की सूचना मिली। पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे कोतवाल पवन पांडेय ने बताया कि सुखदेव सिंह (30) का शव सेवानिवृत्त फौजी के घर के कमरे में फर्श पर पड़ा था। पास में ही सुखदेव की पिस्टल थी। सुखदेव के सीने में गोली लगी थी, जबकि गुरमीत कौर के दाहिने ओर कोख में गाली लगी थी।
सीओ प्रतीक दहिया, एएसपी विक्रम दहिया ने घटना स्थल पहुंचकर जानकारी ली। फॉरेंसिंक टीम भी मौके पर पहुंची। घटना की सूचना पर सुखदेव के पिता हरजिंदर सिंह और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। हरजिंदर सिंह ने सेवानिवृत्त फौजी और उसकी पत्नी पर पुत्र की हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने सेवानिवृत फौजी और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।
आईलेट सेंटर चलाता था सुखदेव
दर्ज प्राथमिकी में मृतक के पिता ने कहा कि उनका पुत्र सुखदेव सिंह सेवानिवृत्त फौजी की दुकान में आईलेट सेंटर चलाता था। डेढ़ साल पहले उसने आईलेट सेंटर को बंद कर दिया था। पूरन सिंह के कोई पुत्र नहीं था। उनकी पत्नी उसके पुत्र को अपने बच्चे की तरह मानती थीं। शनिवार को सुबह छह बजे सुखदेव सिंह को पूरन ने फोन कर बुलाया था। शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे सूचना मिली कि पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मौके पर आकर देखा तो सुखदेव का शव कमरे में पड़ा था।
प्राथमिकी दर्ज न होने तक चार घंटे तक कमरे में पड़ा रहा शव
घटना की सूचना पर पहुंचे सुखदेव के परिजन पूरन और उसकी पत्नी पर हत्या का आरोप लगा रहे थे। परिजन ने प्राथमिकी दर्ज न होने पर शव को उठाने से रोक दिया। पुलिस तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कहती रही। इसके चलते करीब चार घंटे तक सुखदेव का शव कमरे में ही पड़ा रहा। दोपहर करीब दो बजे के बाद फौजी और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज होने पर शव को ढाई बजे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा सका। वहीं, सुखदेव सिंह जिस कार से घर आया था, वह घर के बाहर खड़ी थी। पुलिस ने कार को खोलकर उसकी वीडियो, फोटोग्राफी कर कब्जे में लिया है।
पांच दिन पहले सेवानिवृत फौजी की गोद ली पुत्री गई ऑस्ट्रेलिया
पूरन सिंह और गुरमीत कौर के कोई संतान नहीं थी। बताते हैं कि उन्होंने अपने करीबी की पुत्री सतेंद्र कौर को गोद लिया था जो करीब पांच दिन पहले ऑस्ट्रेलिया चली गई। उसे ऑस्ट्रेलिया भिजवाने में सुखदेव सिंह ने खासी मदद की थी। अब घटना के बाद पुलिस मृतक और सतेंद्र कौर के बीच की कड़ी को भी जोड़कर घटना की जांच को आगे बढ़ा रही है।
माता-पिता का इकलौता पुत्र था सुखदेव सिंह
सुखदेव सिंह के परिवार में पिता हरजिंदर सिंह, मां के अलावा दो बहनें है। सुखदेव सिंह के रिश्ते के बहनोई थाना न्यूरिया के बेला पुरवा निवासी मलकीत सिंह ने बताया कि सुखदेव अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी दो बहनें हरप्रीत कौर और कमलजीत कौर हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। सुखदेव सिंह की शादी बरेली थाना के भुता से अमनदीप कौर से हुई थी। उसका पांच साल का पुत्र है।
मोबाइल की काल डिटेल से खुलेगा राज
सुखदेव सिंह की गोली लगने से मौत और गुरमीत कौर के घायल होने की घटना मौके पर पहुंचे लोगों में चर्चा का विषय बनी रही। हत्या और आत्महत्या को लेकर लोग चर्चा करते रहे। लोगों का कहना है कि अगर सुखदेव को आत्महत्या करनी थी, तब पूरन का घर उसने क्यों चुना। फिर आत्महत्या पर सीने पर सीधी गोली नहीं मारी जा सकती।
गुरमीत कौर को किसने और क्यों गोली मारी, इसे लेकर भी चर्चा होती रही। पूरन का कहना है कि घटना के समय वह किचिन में था। घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। कैमरे घटना के बाद तक चालू हालत में मिले। घटना को लेकर पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में राज को तलाश रही है। पुलिस ने मृतक की पिस्टल और मोबाइल फोन कब्जे में लिए हैं।
एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे सेवानिवृत फौजी के घर में युवक की गोली लगने से मौत की सूचना मिली। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। फाॅरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच की। सुखदेव ने खुद को गोली मारी या उसकी गोली मारकर हत्या की गई, इसकी जांच कराई जा रही है।