भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी के पचास दिन पूरे होने के बाद भी नगदी की समस्या से लोगों को निजात नहीं मिली है। इसके विरोध में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता अलाउद्दीन शास्त्री के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में नगर के ब्लाक चौराहा पहुंचे भाकियू कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी के विरोध मेें प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकपा (माले) नेता अलाउद्दीन शास्त्री ने कहा कि नोटबंदी का संकट छह माह तक हल नहीं होगा। नोटबंदी से किसान अपनी फसलों में खाद, पानी नहीं लगा पा रहे हैं। जिला सचिव देवाशीष राय ने कहा कि केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार को तीन माह के अंदर दूर कर विदेशों की बैंकों में जमा धन को वापस मंगवाने और गरीबों के खातों में पंद्रह -पंद्रह लाख रुपये जमा कराने का वादा किया था। ढाई साल बाद कालाधन वापस नहीं हुआ है। लोगों को अपने धनराशि को पाने के लिए बैंक शाखाओं में लाइनों में लगकर धक्के खाने पड़ रहे हैं। कालेधन पर अंकुश की बात तो कही जा रही है, लेकिन काला धंधा करने वालों पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। पूंजीपतियों को आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज देकर बैंकों का दिवाला निकाल दिया गया। नोटबंदी से फसल पर प्रतिकूल असर पडेगा। पुतला दहन में रामकांती, देवीदयाल, शम्स विकास, प्रहलाद, रमेश, छुन्नू खां, अजमतउल्ला, डालचंद, नासिर, रोशन लाल, नगीना, राधेश्याम आदि रहे।