बीसलपुर। नगर के गुलेश्वर नाथ मंदिर में रविवार को तड़के करंट लगने से महात्मा की मौत हो गई।
गुलेश्वर नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रामप्रिय दास ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के गांव पुरैनिया रामगुलाम निवासी महात्मा रामपाल दास (70) गुलेश्वर नाथ मंदिर में समय-समय पर होने वाले कार्यक्रमों में आते थे। इसी क्रम में वह 30 अगस्त से शुरू हुए अखंड पाठ में भाग लेने आए थे। वह शनिवार की रात अन्य महात्माओंं के साथ मंदिर के बरामदे मे सोए थे।
रविवार को तड़के लगभग चार बजे वह जाग गए और अपना बिस्तर समेट कर कमरे के भीतर रखने गए। बिस्तर रखते समय उनका हाथ कमरे में चल रहे टेबिल फैन के निकले हुए तार से स्पर्श कर गया और उनके करंट लग गया। करंट लगते ही वह चीख पड़े। उनकी चीख सुनकर बरामदे में सो रहे अन्य महात्मा जाग गए और मौके पर पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही परिजन वहां पहुंच गए। उनके पुत्र छत्रपाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे से मृतक के घर में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी प्रेमा देवी, पुत्र छत्रपाल, राकेश, नीरज, पुत्री गंगा देवी, सुनीता देवी और शीला देवी का रोते रोते बुरा हाल है। इस घटना की वजह से गुलेश्वरनाथ मंदिर में रविवार को सुबह पूजा-अर्चना का कार्य देर से शुरू हुआ।