माधोटांडा रजबहा फटी, सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल डूबी
परसरामपुर गांव के समीप माधोटांडा रजवाहा रात में अचानक फट गई। इससे सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल डूब गई। सूचना मिलने पर रात में ही रजवाहा बंद करा दी गई। हालांकि अभियंता फटी रजवाहा की मरम्मत कराने में जुटे हैं। इधर नाराज किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन कर प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन देकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। माधोटांडा रजवाहा में तीन किमी से आगे सौ क्यूसेक पानी पूरनपुर रजवाहा को दिया जा रहा है, जबकि 70 क्यूसेक पानी माधोटांडा रजवाहा में आगे दिया जा रहा है। बताते हैं कि रजवाहा के हेड पर सिंचाई कर्मियों की ड्यूटी रहती है, रात में कोई कर्मचारी नहीं था। इस बीच किसी ने हेड से पूरनपुर रजवाहा का फाटक बंद कर दिया। इसकी वजह से पानी का बहाव अधिक होने से माधोटांडा रजवाहा रात में गांव परसरामपुर के समीप फट गई। परसरामपुर के किसानों की सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल पानी में डूब गई। आनन फानन किसानों ने इसकी सूचना अभियंताओं को देकर रजवाहा को बंद कराया। इधर मंगलवार को पुकलैंड मशीन से नहर को बांधने का काम जारी रहा। शारदा सागर के अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि रजवाहा की मरम्मत कराई जा रही है। इस घटना के कारण की भी जांच की जा रही है।इधर नाराज किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि रजवाहा सिंचाई कर्मियों की लापरवाही से फटी है। इससे सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल पानी में डूब गई। यदि जल्द पानी नहीं निकला तो फसल चौपट हो जाएगी। किसानों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मुआवजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में मिश्रीलाल, कुलदीप सिंह, अनवार खां, कामेश्वर सिंह, सरोज कुमार, अकरम, जसवंत सिंह, निंदर सिंह, मेजर सिंह आदि शामिल रहे।