Lumbering wood went missing in the forest
- फोटो : Lumbering wood went missing in the forest
जमुनिया गांव निवासी 18 वर्षीय रामऔतार उर्फ छोटे शुक्रवार को साइकिल से लकड़ी लेने जंगल गया पर शाम तक नहीं लौटा। परिवार वालों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू कर दी। देर रात तक तलाशी के बाद शनिवार सुबह फिर से जंगल में कांबिंग की गई लेकिन शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला।
तमाम बंदिशों और निगरानी के बाद भी लोग जंगल जाने से बाज नहीं आ रहे। चंद रुपये के लालच के लिए लोग जंगल जा रहे हैं। जमुनिया निवासी हरीशंकर का 18 वर्षीय बेटा रामऔतार उर्फ छोटे शुक्रवार को सुबह साइकिल लेकर महोफ जंगल में लकड़ी लेने गया था। शाम तक उसके घर न पहुंचने पर घरवालों को चिंता हुई। पहले उसकी आसपास तलाश की गई लेकिन अंधेरा होने तक उसके न मिलने पर ट्रैक्टर-ट्रालियों से ग्रामीण जंगल में तलाश करने पहुंचे। आधी रात तक जंगल में उसकी खोजबीन की गई लेकिन पता नहीं चला। सुबह फिर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से उसे खोजने निकले। शाम तक उसकी खोजबीन की गई लेकिन न तो रामऔतार मिला और न ही उसकी साइकिल का कुछ पता चला। रामऔतार के न मिलने पर उसके तमाम रिश्तेदार घर पहुंच गए साथ ही गांव वाले भी उसके घर बाहर जमा हो गए।
एसटीएफ ने सर्विलांस पर लगाया नंबर
रामौतार के गायब होने की सूचना मिलने पर वनकर्मी शंकरलाल ने ग्रामीणों के साथ उसकी खोजबीन कराई साथ ही वनाधिकारियों को सूचना दी। एसडीओ केपी सिंह ने रामऔतार का फोन नंबर लेकर कॉल करने की कोशिश की। नंबर करवेज रेंज से बाहर जा रहा था। इस पर उन्होंने वन क्षेत्र के लिए काम कर रही एसटीएफ को फोन नंबर उपलब्ध कराकर सर्विलांस पर लगवाया है।