- न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पीलीभीत पहुंची लखनऊ पुलिस
- आरोपी चिकित्सक की पहली पत्नी का धर्म परिवर्तन कर कराए गए निकाह में गवाह बनने का है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। केजीएमयू (किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय) में अध्ययनरत छात्रा के साथ शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्म परिवर्तन कराने के मामले में लखनऊ पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम को पीलीभीत पहुंचकर निकाह कराने वाले गवाह को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद की गई।
मामला पिछले वर्ष दिसंबर का है, जब छात्रा की तहरीर पर लखनऊ की चौक कोतवाली में केजीएमयू के रेजीडेंट डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जांच में आरोपी का संबंध पीलीभीत से भी सामने आया था। उसका पैतृक मकान थाना न्यूरिया क्षेत्र में स्थित है, जहां लखनऊ पुलिस की ओर से पहले नोटिस चस्पा किया गया था। जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी डॉक्टर ने अपनी पहली पत्नी का भी धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया था, इसमें पीलीभीत के शहर कोतवाली क्षेत्र के एक काजी और स्थानीय युवक के गवाह बनने की जानकारी मिली थी।
आरोपी चिकित्सक से पूछताछ के बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों को भी नामजद किया था। इस प्रकरण में पहले ही डॉ. रमीज मलिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब लखनऊ की चौक कोतवाली पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मोहल्ला पंजाबियान में छापेमारी कर सारिक खान पुत्र अजहर खान को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार युवक पर निकाह में गवाह बनने का आरोप है। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद लखनऊ पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई है।