पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की कतार
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जल-जंगल और जमीन से घिरी पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र में मतदान के दिन शुक्रवार सुबह से ही मतदाता अपना भविष्य तय करने के लिए मतदान केंद्राें पर पहुंचने लगे थे। लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभा में प्रत्याशी, पार्टी, मुद्दों और जातीय समीकरणों के आधार पर मतदान शुरू हुआ। शाम छह बजे मतदान संपन्न हुआ। इसी के साथ सभी 10 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हो गया।
शहर से लेकर देहात में सुबह मतदान शुरू होने के साथ मतदाताओं की कतार लग गई। मुद्दों की बात कर रहे मतदाताओं के चेहरे पर जातीय समीकरण की परछाई भी साफ झलक रही थी। हालांकि दोपहर 12 बजे तक बूथाें पर सन्नाटा सा पसर गया। शाम होने होने से पहले फिर केंद्रों पर सुबह का नजारा दिखने लगा।
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बुजुर्ग, किसान, महिला और नौजवानों के अपने मुद्दे थे और उसी को जेहन में रखकर वे अपने वोट का प्रयोग करने पहुंचे। मतदाताओं के स्वागत के लिए भी चुनाव आयोग की ओर से बूथों पर अलग-अलग व्यवस्थाएं भी बनाई गई थीं। महिलाओं के लिए पिंक बूथ और आदर्श बूथ सहित अन्य जगहों पर तैनात कर्मचारी मतदाताओं की सहायता में जुटे रहे। शहरी क्षेत्र में मतदान की रफ्तार थोड़ी सुस्त रही। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के बाद बूथाें पर महिलाओं में ज्यादा उत्साह दिखा।
पूरनपुर में मानव-वन्य जीव संघर्ष का मुद्दा छाया रहा
जंगल से घिरे पूरनपुर विधानसभा में मानव-वन्य जीव संघर्ष का मुद्दा मतदान पर भी छाया रहा। किसानों और युवा भी अपने मुद्दों पर भविष्य तय करने बूथ तक पहुंचे थे। बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान की रफ्तार सुस्त रही। बरेली जिले की बहेड़ी विधानसभा सीट पर मुद्दों के नाम पर जातीय समीकरण और ध्रुवीकरण ज्यादा हावी रहा।