तन झुलसा देने वाली धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से जनमानस बेहाल हो उठा
है। हालत यह है कि सूरज की तपिश से सड़कों का तारकोल तक पिघलने लगा है।
रविवार पारा भी 45 डिग्री को छूने लगा। आग उगलते सूरज की वजह से दोपहर में
सार्वजनिक व सड़कें सुनसान दिखी।
पिछले पखवाड़ा भर से जिले में बढ़ती जा
रही गर्मी के आगे बचाव के इंतजाम बेअसर होते नजर आ रहे हैं। आलम यह है कि
दिन भर गर्म हवाओं के थपेड़ों और तन झुलसाने वाली धूप के चलते लोगों को
अधिकतर समय घर के भीतर ही गुजर रहा है। सूरज के निकलते ही लोग सुबह सवेरे
पसीने से लथपथ देखे जा रहे हैं। दोपहर होते-होते सूरज की तपिश से टैंपों,
बसें और यातायात के अन्य साधन सड़कों से नदारद मिले।
रेलवे स्टेशन, बस
स्टैडों, चौराहाें पर भी लोगबाग कम ही दिखे। बाजार में भी पूरी तरह सन्नाटा
पसरा रहा। ग्राहकों के न पहुंचने से व्यापारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे देखे
गए। दोपहर में रेलवे स्टेशन परिसर, प्रमुख सड़कों पर भी सन्नाटा पसारा
दिखा। शाम छह बजे तक भी गर्मी पूरे शबाब पर रही।
रविवार को अधिकतम तापमान
44.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया
गया। दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए, मामूली बूंदाबांदी भी हुई,
लेकिन कुछ देर बाद चिलचिलाती धूप ने फिर से लोगों को पसीने से तरबतर कर
दिया।