पीलीभीत। सैकड़ों किमी की दूरी तय कर अभ्यर्थी यहां परीक्षा देने पहुंचे, फिर होटलों में कमरा न मिलने पर रेलवे स्टेशन पर ही रात गुजारी। रात में मच्छरों के दंश झेले। सुबह तैयारी से साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचे तो हाथ में आए प्रश्नपत्र को देखकर सुकून मिला। सवाल ज्यादा कठिन नहीं थे। अब अभ्यर्थियों की निगाहें परिणाम पर हैं। वर्षों की तमन्ना पूरी होने की आस जगी है।
यह बात पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा देने बिहार, राजस्थान, हरियाणा से आए पुरुष और महिला अभ्यर्थियों ने साझा की। परीक्षा देने के बाद केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि करीब 14 घंटे का सफर तय करने के बाद एक दिन पहले ही बृहस्पतिवार को यहां पहुंच गए थे।
कमरे की व्यवस्था न होने पर रेलवे स्टेशन पर ही रात गुजारी। इस दौरान घर से साथ लाए खाने को खाकर तैयारी की। मच्छरों के दंश को भी झेला। शुक्रवार को सुबह चार बजे आंख खुल तो स्टेशन भरा पड़ा था। प्लेटफॉर्म पर ही चाय-नाश्ता करने के बाद पैदल ही केंद्र पर पहुंचे। प्रश्नपत्र मिला तो कुछ राहत मिली। अधिकांश प्रश्न सरल थे। पिछली बार की अपेक्षा प्रश्नपत्र सामान्य रहा। दो घंटों में 150 प्रश्नों के सही उत्तर देने की कोशिश की। अब परिणाम आने का इंतजार है।
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800 किमी का सफर कर पहुंचीं
800 किमी से अधिक की दूरी तय कर पिता के साथ प्रश्नपत्र देने आईं हूं। लंबे सफर के बाद जैसे-तैसे रात काटी, लेकिन प्रश्नपत्र देखकर काफी राहत मिली। परीक्षा में बेहतर करने का प्रयास भी किया।
- ज्योति, बिहार
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प्रश्नपत्र अच्छा होने से दूर हुई थकान
पुलिस में भर्ती होने की लंबे समय से तमन्ना है। पहले भी प्रश्नपत्र दिया था। बिहार से मां के साथ पीलीभीत आई हूं। कुछ परेशानी जरूर हुई, लेकिन प्रश्नपत्र अच्छा होने से सुकून मिला है।
-सपना, बिहार
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स्टेशन पर गुजारी रात, मच्छरों ने किया परेशान
बिहार से रात नौ बजे पीलीभीत पहुंचे। जानकारी करने के बाद रेलवे स्टेशन पर जाकर ठिकाना बनाया। रात में मच्छरों ने परेशान किया। समस्या हुई, लेकिन उम्मीद के अनुसार प्रश्नपत्र होने से सुकून मिला।
- मुश्ताक आलम, बिहार
ज्योति।
ज्योति।