पीलीभीत। कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में 14 दिन का और संयम रखना होगा। देशव्यापी लॉकडाउन की मियाद तीन मई से बढ़ाकर 17 मई कर दी गई है। लॉकडाउन बढ़ने से पहले तो लोग मायूस हो गए, वहीं बाद में लोगों ने लॉकडाउन की मियाद बढ़ाने का समर्थन किया और कहा कि कोरोना से जंग जीतने के लिए वह संयम रखने को तैयार हैं। लॉकडाउन बढ़ने से कारोबारियों और व्यापारियों में निराशा का माहौल है।
कोरोना से जंग लड़ने के लिए पहला लॉकडाउन 23 मार्च को लागू किया गया था। यह पूरे 21 दिनों तक चला। मगर, लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद पीएम मोदी ने 14 अप्रैल को फिर से 19 दिनों का लॉकडाउन लागू करने की घोषणा कर दी। यह तीन मई को समाप्त हो रहा है। तब तक सरकार ने 17 मई तक इसे फिर बढ़ाने की घोषणा कर दी। लॉकडाउन में कारोबार और रोजगार बंद होने से हर व्यक्ति आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कपड़ा, मिष्ठान, सराफा बाजार, स्पेयर पार्ट, रेडीमेड कारोबार, सीमेंट, सरिया, आइसक्रीम समेत तमाम तरह के कारोबार बंद हैं। अब तक 2500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। आगे लॉकडाउन में 1000 करोड़ से ज्यादा के नुकसान की आशंका है। सबसे ज्यादा संकट रोजाना मेहनत मजदूरी करने वाले परिवारों पर है। जनपदवासी कोरोना से निपटाने के लिए इसे सरकार का बेहतर कदम बता रहे है। आम लोगों का कहना है कि वे बढ़ते लॉकडाउन से निपटने के लिए भी तैयार हैं क्योंकि इसके अलावा दूसरा रास्ता फिलहाल अभी नहीं है। अमर उजाला ने आम लोगों, समाजसेवियों और व्यापारियों से लॉकडाउन बढ़ने पर बात की। व्यापारियों ने कारोबार के लिए इसे नुकसानदायक बताया। मगर, उन्हें उम्मीद है कि शासन ने पीलीभीत को ऑरेंज जोन में जो किया है, उससे जनपद में कुछ राहत मिल सकती है।
कोरोना जैसी महामारी रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ना ही ठीक है। कारोबार तो बाद की बात है। पहले जान है तो जहान है। अगर सरकार इस बीच कुछ ढील दे तो बेहतर रहेगा। उसमें लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन न हो। -अशोक गंगवार, व्यापारी
कोरोना जैसी महामारी रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ना जरूरी था क्योंकि लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। लॉकडाउन से ही हम सबका जीवन सुरक्षित है।इसके अलावा दूसरा रास्ता नहीं था। -हरीशंकर सैनी, व्यापारी
लोगों को सुरक्षित रखने के लिए लॉकडाउन बढ़ाना जरूरी था। हम सबकी भी जिम्मेदारी है कि लॉकडाउन की छूट का दुरुपयोग न करें। कोरोना से सावधान रहें। सामाजिक दूरी का पूर्णतया पालन करें। -सीमा राज पाठक, समाजसेविका
कोरोना से जब तक देश, प्रदेश और जनपद सुरक्षित नहीं हो जाता। तब तक लॉकडाउन जरूरी है। लॉकडॉउन की जिम्मेदारी समझते हुए उसके नियमों का सही से पालन करना चाहिए। तभी कोरोना को हराया जा सकता है। -किरन शर्मा, गृहिणी