भले ही योगी सरकार बनते ही हाईवे से सटे इलाकों में शराब की दुकानें हटवाई जा चुकी हो, लेकिन भिंडारा गांव में अभी भी नियमों का पालन नहीं कराया जा सका है। स्कूल एवं धार्मिक स्थल के पास बनीं शराब की दुकान विरोध के बाद भी नहीं हट सकी। सैकड़ों ग्रामीणों ने शराब की दुकान हटाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को संयुक्त पत्र भेजा है। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि भिंड़ारा गांव के प्राइमरी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र (नंदघर), जूनियर हाईस्कूल व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और धार्मिक स्थल के मात्र साठ मीटर की दूरी पर देशी व अंग्रेजी शराब की दुकानें हैं। उसे हटाने के लिए पहले भी जिला प्रशासन से मांग की गई, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। बल्कि अंग्रेजी शराब की दुकान और नजदीक पहुंचा दी गई। इसके अलावा पुलिस के संरक्षण में सालों से कच्ची शराब का कारोबार पनप रहा है। ग्रामीणों ने मामले को गंभीरता से लेकर समाधान कराने की मांग की है। सीएम को पत्र भेजने वालों में प्रधान महेंद्र कौर, धर्मेंद्र कुमार, खेमकर, वीरपाल, शिवादेवी, शकुंतला देवी, लक्ष्मीदेवी, माधुरी, भूपराम, मायादेवी, सरस्वती, रामचरन, विमला, दिनेश कुमार आदि हैं।
शराब की अवैध फैक्ट्री बंद कराने की मांग
दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के गांव बहादियां के कुछ ग्रामीणों ने एसपी को संयुक्त शिकायती पत्र भेजकर अपने गांव में काफी समय से चल रही अवैध शराब की फैक्ट्री बंद कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि उनके गांव में अवैध शराब की फैक्ट्री काफी समय से चल रही है, जिससे गांव के वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। यह भी कहा गया है कि विरोध करने पर फैक्ट्री संचालक लोगों से आमादा फसाद होता हैं। पत्र पर फैक्ट्री चलाने वाले के नाम का भी उल्लेख किया गया है। पत्र पर शेरबहादुर, गंगासरन, राजपाल, जगदीश, देवेंद्र, चंद्रपाल, अमरपाल, जंगबहादुर, पप्पू, मनोहर , अरविंद, झनकार, जितेंद्र, बाबूराम, राधेबल्लभ, कालीचरन और अमर सिंह आदि ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।