2018 में बिलसंडा क्षेत्र में हुई थी घटना, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। छोटे भाई की हत्या के मामले में दो भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश छांगुर राम ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
ग्राम तिलसंडा हसौआ की एक महिला ने थाना बिलसंडा में 17 जून 2018 रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी आठ वर्ष पहले रामसागर के साथ हुई थी। वह अपने पति व बच्चों के साथ रह रही थी। ससुराल में पति राम सागर समेत पांच भाई महेंद्र , नेमचंद, राकेश और प्रमोद थे। उसके पति के अलावा किसी की भी शादी नहीं हुई थी। सभी लोग संयुक्त परिवार में रहते थे। पति मजदूरी करने बाहर चला जाता था। इस दौरान जेठ राकेश, महेंद्र मौका पाकर अभद्रता करते थे। मना करने पर कई बार गाली-गलौज और मारपीट करते थे। पति ने शिकायत की तो जेठ ने उसे भी पीटा। जेठ महेंद्र ने इसके बाद फिर अभद्रता की तो इसकी शिकायत उसने पुलिस से की। तब गांव के लोगो ने समझौता करा दिया। जेठ की हरकतों को देखकर वह पति के साथ गुजरात मजदूरी करने चली गई।
चार माह बाद जनवरी 2018 में वापस आकर उसने पुत्र को जन्म दिया। पति ने उसे मायके भेज दिया। 18 मई 2018 को उसे सूचना मिली कि उसके पति राम सागर की मृत्यु हो गई है और उसका शव बमरौली में गन्ने के खेत में पड़ा है। उसे किसी ने मार दिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो गला दबाकर हत्या होने की बात सामने आई। वह ससुराल पहुंची। कुछ दिनों बाद उसे पता चला कि उसके पति रामसागर की हत्या उनके बड़े भाई राकेश व महेंद्र ने की है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। बाद में दोनों भाइयों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाह पेश किए। वही आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने सुनवाई और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद राकेश व महेंद्र को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) विमल कुमार वर्मा ने की।