पीलीभीत। अधूरे संसाधनों के साथ लेवल टू का कोविड अस्पताल शुरू करने का खामियाजा कुछ ही घंटों बाद सामने आ गया। शुक्रवार को अस्पताल शुरू करके भर्ती की गई संक्रमित महिला को संसाधनों और डॉक्टरों के अभाव में ठीक से इलाज न हो पाने के कारण रात को ही बरेली के कोविड अस्पताल रेफर करना पड़ा। वहीं एक और संक्रमित महिला को बरेली भेजना पड़ा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर महिला अस्पताल की मदर चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) विंग के भवन में 100 बेड के लेवल टू के कोविड अस्पताल बनाया गया है। नए डीएम पुलकित खरे ने इसे हरहाल में 21 अगस्त (शुक्रवार) से शुरू करने के आदेश दिए थे। खौफ में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसे शुक्रवार से ही शुरू कर दिया, जबकि तमाम काम होने से रह गए थे। लखनऊ से आई एक्स-रे मशीन नहीं लग पाई थी, न ही स्टाफ की सही से तैनाती हुई। विभाग ने अस्पताल शुरू करने पर मुहर लगाने के लिए पूरनपुर की कोरोना संक्रमित एक महिला को भर्ती भी कर लिया।
एंटीजन किट से जांच में पॉजिटिव पाई गई इस बुजुर्ग महिला का डॉक्टरों ने जब चेकअप किया तो उनके हाथ पांव फूल गए, क्योंकि संक्रमित बुजुर्ग महिला को सांस की बीमारी के अलावा ह्दय रोग भी पाया गया। शुरू हुए लेवल टू के कोविड अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ अभी नहीं हैं और न इलाज के लिए संबंधित संसाधन। इस वजह से उसे रात में ही बरेली रेफर कर दिया गया।
इसके अलावा एक बीसलपुर की रहने वाली कोरोना संक्रमित एक गर्भवती को भी इलाज के लिए बरेली भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि लेवल टू के अस्पताल में जिन स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनमें से अधिकांश ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बचाव में कह रहे हैं कि संक्रमित बुजुर्ग महिला को भर्ती किया ही नहीं था। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमित महिला को पूरनपुर से गलत भेज दिया गया था। बोलीं- लेवल टू का कोविड अस्पताल पूरा हो चुका है। एक दो दिन बाद यहां मरीजों को भर्ती किया जाएगा।