बारावफात के जुलूस को लेकर हुए लाठीचार्ज और गोलीकांड के विरोध में चल रहे
धरना प्रदर्शन में शुक्रवार को किसान नेता एवं पूर्व विधायक वीएम सिंह ने
शिरकत की। उन्होंने कहा कि जब तक हम जाति बिरादरी में बंटते रहेंगे, तब तक
नेता और अधिकारी हम पर यूं ही लाठियां और गोलियां चलाते और चलवाते रहेंगे।
उन्होंने अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
वीएम सिंह के कहने पर धरने को स्थगित कर प्रशासन को कार्रवाई के लिए एक
सप्ताह का समय दिया गया।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय
संयोजक वीएम सिंह शुक्रवार को पीलीभीत पहुंचे। उनके आगमन पर नेहरू पार्क के
धरने से हटकर बारावफात के दिन हुई लाठीचार्ज व गोलीबारी की घटना स्थल पर
सभा का आयोजन किया गया।
वहां हुई सभा में उन्होंने कहा जुलूस निकालने की
अनुमति थी या नहीं यह अलग बात है, लेकिन जांच का विषय यह है कि निहत्थे
आवाम, जिसमें बच्चे भी थे उनपर लाठी और गोलियां चलाने की इजाजत किसने दी।
दूसरी बात यह कि गोली सिर्फ बच्चों को ही क्यों लगी। घटना को उन्होंने
सुनियोजित साजिश बताते हुए इसके पीछे छिपे लोगों से सतर्क रहने का आह्वान
किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मोहल्ले से कम से कम सौ-सौ लोगों को
आगे आकर शासन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए। वीएम सिंह उनके साथ खड़ा
मिलेगा। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि जहानाबाद में हुए दिलशाद
हत्याकांड की तरह इस गोलीकांड की भी सीबीआई जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई
कराई जाएगी। संचालन जिला संयोजक यूसुफ मलिक ने किया।
इस मौके पर
मोहम्मद ताहिर, मौलाना आबिद रजा, श्रवणदत्त सिंह, सर्वदत्त सिंह, मस्सा
सिंह, जगतार सिंह, लियाकत, मतीन खां, निसार, बाबर, शमशाद, लियाकत अली,
बाबू, नासिर कमाल, आफाक सहित कई लोग मौजूद रहे।