कलीनगर। सीमावर्ती गांव बूंदीभूड़ में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब घर के बाहर खेत में घास चर रही एक बकरी पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में रामप्यारी गौतम की बकरी मौके पर ही मार गई। हालांकि शोर शराबा होने पर घरवालों और ग्रामीणों के पहुंचने से तेंदुआ बकरी को खींचकर ले जाने में नाकाम रहा। दिनदहाड़े आबादी के किनारे हुई इस घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई है।
गांव निवासी संजय तिवारी ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। उनका कहना है कि लगातार तेंदुए की बढ़ती आवाजाही अब इंसानों, खासकर बच्चों के लिए भी खतरा बन रही है। उन्होंने टाइगर रिजर्व प्रशासन से मांग की कि तेंदुए की रोकथाम के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और गरीब मजदूर किसान रामप्यारी गौतम को उनकी बकरी की मौत का उचित मुआवजा दिया जाए। गांववालों का कहना है कि हाल के दिनों में तेंदुए की गतिविधियां बढ़ी हैं और वह अक्सर आबादी क्षेत्र के आसपास दिखता है। इस वजह से लोग घरों से निकलने और बच्चों को अकेले बाहर भेजने में डर महसूस कर रहे हैं। वन विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्रीय टीम को सक्रिय किया गया है।