नाबार्ड के सहयोग से गठित कृषक क्लबों के किसानों को कृषि भवन में आयोजित किसान गोष्ठी में खेती की नई जानकारियों दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने परम्परागत खेती को छोड़कर वैज्ञानिक तकनीक को अपनाने पर जोर दिया।
कृषि भवन के सभागार में हुई गोष्ठी का शुभारंभ कृषि उपनिदेशक एके सिंह, डीडीएम नाबार्ड और जिला सहकारी बैंक के जीएम आलोक गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने गेहूं व गन्ने में वर्तमान समय में की जाने वाली क्रियाओं की जानकारी देने के साथ उनमें लगने वाली कीट बीमारियों के बारे में बताया। डीडीएम नाबार्ड व सहकारी बैंक के जीएम ने बैंक योजनाओं की जानकारी दी। कृषि उपनिदेशक ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर सभी किसानों से योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑन लाइन पंजीकरण कराने की अपील की। अग्रणी बैंक के सहायक जिला प्रबंधक आशीष कुमार ने किसान क्रेडिट कार्ड जारी कराने का तरीका और इसका खाता संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व पहल ग्रामीण सेवा समिति के प्रबंधक महेश पाल ने कृषक क्लबों के गठन और इनके माध्यम से आगे बढने के उपाय सुझाए। बैठक में परियोजना अर्थशास्त्री जेसी जोशी, सहायक कृषि प्रसार अधिकारी ऋषभा तिवारी सहित कई लोग थे।