बाजार में कारवां तैयार करती महिलाएं। संवाद
पीलीभीत। 29 अक्तूबर को करवाचौथ है। ऐसे में पर्व करीब आते ही शहर से लेकर देहात तक मिट्टी के करवे की मांग बढ़ने लगी है। कुम्हारों ने करवे तैयार करने का काम तेज कर दिया है। शहर के कुम्हारों को अब तक करीब दो लाख करवे बनाने के ऑर्डर मिल चुके हैं। मांग को समय पर पूरा करने के लिए कुम्हार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
करवाचौथ पर शाम को विधि-विधान से पूजा करने के बाद करवे से चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है। इसी वजह से पर्व पर मिट्टी के करवे की विशेष मांग काफी रहती है। कुम्हारों के सामने बड़ी संख्या में करवे तैयार करने के साथ उनकी गुणवत्ता और सजावट का ध्यान रखने की चुनौती भी है।
मिट्टी से करवे तैयार करने उन्हें सुखाने और फिर रंगाई करने में काफी मेहनत लगती है। इसके चलते परिवार के अन्य सदस्य भी मिलकर इस काम को पूरा करने में जुटे हैं। शहर के ज्ञानेंद्र कुमार प्रजापति ने बताया कि बाजार में सभी व्यापारियों को लगभग दो लाख करवा देने के ऑर्डर मिल चुके हैं। बाजार में एक सुंदर सजा करवा 25-30 रुपये तक बिकेगा। जो कि थोक में 15-20 रुपये में दिया जा रहा है। संवाद