प्रदेश में अधिवक्ताओं की दिनदहाड़े हो रही हत्याओं और अधिवक्ताओं पर दर्ज हो रहे फर्जी मुकदमों के विरोध में 19 मार्च को प्रदेश भर के अधिवक्ता मौन रहकर विरोध दिवस मनाएंगे। अदालती कामकाज नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश के बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि कानपुर के अधिवक्ता जितेंद्र पाल और प्रतापगढ़ के अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्रा की दिन दहाड़े पीटकर हत्या कर दी गई। प्रदेश बार काउंसिल ने 19 मार्च को मौन रहकर विरोध दिवस मनाने और अदालती कामकाज न करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मृतक अधिवक्ताओं के आरोपियों पर रासुका लगाई जाए और आश्रितों को अखलाक फार्मूले के आधार पर 45-45 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दी जाए। परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी में रखा जाए। जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशनलाल ने बताया कि अधिवक्ता केके शुक्ला आदि पर भी झूठी रिपोर्ट दर्ज हुई है। 19 मार्च के विरोध दिवस में झूठा मुकदमा निरस्त कराने की मांग भी की गई है। उन्होंने कहा कि 19 मार्च को अदालती कामकाज ठप रहेगा।