पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग को नई उपलब्धि हासिल हुई है। जुलाई से जिला अस्पताल में मरीजों के बेहतर उपचार के लिए लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) सर्जरी शुरू होने जा रही है। इससे चिकित्सक कम समय में मरीजों का ऑपरेशन करेंगे। इसको लेकर कवायद तेज कर दी गई है। मरीजों के बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में जुलाई से लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) सर्जरी शुरू हो जाएगी। अब तक यह ऑपरेशन सिर्फ प्राइवेट अस्पतालों में ही संभव थे, जिसमें मरीजों से मनमर्जी पैसा वसूला जाता था। इस सर्जरी के शुरू होने से मरीजों को इसका फायदा मिलेगा।
क्या होती है लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) सर्जरी
इस सर्जरी में एक पतली रोशनी वाली ट्यूब (लेप्रोस्कोप) जिसमें एक कैमरा लगा होता है। उसका प्रयोग करके चिकित्सक शरीर के अंदर की छवियों को मॉनिटर पर देखते हैं। इसमें पेट पर मामूली चीरा लगता है। जिससे मरीज जल्द रिकवर हो जाता है। वहीं, इस सर्जरी में पित्ताशय की थैली को हटाना, पित्ताशय से पथरी निकालना, कोलोरेक्टल सर्जरी, अपेंडिक्स को हटाना, हर्निया के ऑपरेशन आदि किए जाते हैं।
सर्जरी विभाग में लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) के लिए शासन की अनुमति हो गई है। अगले माह तक मेडिकल कॉलेज को मशीनें मिल जाएंगी। मरीजों के बेहतर इलाज के लिए यह एक बड़ी सफलता होगी।
डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय