पीलीभीत। आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) केंद्रों के निर्माण के लिए जिले के 24 गांवों में जमीन नहीं मिल पा रही थी। इसको लेकर अमर उजाला ने जब खुलासा किया तो अधिकारियों में खलबली मच गई। डीएम ने मामले की पड़ताल की तो एडीओ और सचिवों की लापरवाही सामने आई। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने 14 गांवों में जमीन उपलब्ध होने की रिपोर्ट भेज दी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवाें में आरआरसी केंद्रों को बनाया जा रहा है। इसमें अमरिया, पूरनपुर, ललौरीखेड़ा, मरौरी और बरखेड़ा ब्लॉक के 24 गांवों में जमीन नहीं मिल पा रही थी। इसको लेकर डीपीआरओ ने संबंधित एसडीएम को पत्र भेजकर जमीन उपलब्ध कराए जाने के लिए कहा।
इसको लेकर अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम संजय कुमार सिंह ने इसका संज्ञान लेकर इन ब्लॉकों के एसडीएम से जानकारी ली। बताया गया कि जमीन उपलब्ध करा दी गई है। डीपीआरओ ने जब गांवों के सचिवों और एडीओ से पूछा तो उन्होंने 14 गांवों में जमीन मिल जाने की बात कहते हुए रिपोर्ट भेज दी।
फिलहाल अमरिया, बरखेड़ा, पूरनपुर ब्लाॅक के दस गांवों में जमीन नहीं होने की बात कही गई है। जबकि ललौरीखेड़ा और मरौरी ब्लॉक के 14 गांवों में जमीन उपलब्ध हो जाने की बात कही गई है। जमीन को लेकर एडीओ और सचिव की लापरवाही उजागर हुई है। ऐसे में दोनों को नोटिस भी जारी किया जा रहा है।
मामले की पड़ताल के बाद अमरिया, पूरनपुर ब्लॉक को छोड़कर अन्य ब्लॉकों के एडीओ और संबंधित गांवों के सचिवों ने जमीन उपलब्ध हो जाने की रिपोर्ट दी है। उनकी इस लापरवाही पर नोटिस जारी किया जा रहा है।
- सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी