सिख तीर्थ यात्री फर्जी मुठभेड़ में कोतवाली में हेड मोहर्रिर पद पर तैनात रहे आरोपी दुर्विजय सिंह के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद उनको निलंबित कर दिया गया है। हेड मोहर्रिर के चार्ज को लेकर बनाई गई समिति की देखरेख में शनिवार को कोतवाली के मालखाने का ताला तोड़कर चार्ज दूसरे हेड मोहर्रिर चमन सिंह को दिया गया।
25 साल पहले फर्जी मुठभेड़ में सिख तीर्थ यात्रियों की हत्या के मामले में पिछले माह 47 पुलिस कर्मियों को सजा हुई थी, जिसमें कोतवाली में तैनात हेड दीवान दुर्विजय सिंह भी आरोपी थे। कोर्ट के निर्णय से पहले ही हेड दीवान छुट्टी लेकर कोतवाली से गए थे। इसके बाद नहीं लौटे। प्रभारी कोतवाल राजेश यादव ने बताया कि आरोपी हेड दीवान दुर्विजय सिंह ने पिछले दिनों कोर्ट मेें सरेंडर कर दिया। जेल जाने वाले दीवान को एसपी ने निलंबित कर दिया। मालखाना के चार्ज को एक टीम गठित की गई। टीम में शामिल सीओ राजेश्वर सिंह, अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी, तहसीलदार दिग्विजय सिंह और प्रभारी कोतवाल राजेश यादव ने अपनी मौजूदगी में कोतवाली के मालखाने का शनिवार को ताला तुड़वाकर चार्ज दूसरे हेड दीवान चमन सिंह को करा दिया। कुछ कर्मचारियों से चार्ज सूची आदि तैयार कराई जा रही है।