पीलीभीत। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिलने वाले राशन को हड़पना कोटेदार को महंगा पड़ गया। जिला पूर्ति अधिकारी ने शुरुआती जांच में मामला सही पाए जाने पर कोटा निलंबित कर दिया है। कुछ बिंदुओं पर अभी जांच चल रही है। कोटेदार से जवाब तलब भी किया गया है।
कोरोना काल में शासन ने परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड डे मील की जगह राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों को 3.800 किलो गेहूं और 7.600 किलो चावल यानी कुल 11 किलो 400 ग्राम राशन देने निर्देश हैं। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को ढाई किलो गेहूं और 5.100 किलो चावल यानी कुल सात किलो 600 ग्राम राशन देने का प्रावधान किया गया है। बीते दिनों ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव सैंजना से शिकायत मिली थी कि कोटेदार बच्चों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दे रहा है। उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों को मात्र सात किलो और प्राथमिक स्कूल के बच्चो को पांच किलो राशन बांटा जा रहा। डीएसओ ने गांव पहुंचकर बच्चों और ग्रामीणों के बयान भी लिए थे। इसके बाद कोटेदार पर कार्रवाई की गई है। डीएसओ एपी सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद कोटा निलंबित कर दिया गया है। मामले को गंभीरता से लेकर जांच की जा रही है।