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सीमा पर सतर्कता की पोल खोल रहा मजदूरों का पलायन

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पीलीभीत। कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने और खुफिया इनपुट के बाद नेपाल व उत्तराखंड समेत गैर जनपद सीमाओं को सील कर लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के आदेश के बावजूद लापरवाही हो रही है। अफसर सख्ती के दावे भी कर रहे हैं, लेकिन बाहर रहने वाले मजदूरों का पीलीभीत में आसानी से आना जारी है।
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एक दिन पूर्व नेपाल सीमा से 15 मजदूरों के भारतीय सीमा में प्रवेश करने का मामला सामने आया था। अब उत्तराखंड और शाहजहांपुर सीमा से आवाजाही पकड़ी गई है। मजदूर बिना रोक-टोक आसानी से सीमा पार करके आ गए। यह हैरान करने वाला है। भले ही उन्हें बाद में पकड़कर क्वारंटीन करा दिया गया है, लेकिन चेकिंग प्वाइंट पर उन्हें न रोका जाना सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर गया है।
कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन की शुरुआत से ही बाहर के मजदूरों के पलायन के मामले सामने आते रहे। बीते दिनों नेशनल ब्यूरो से नेपाल के रास्ते 200 कोरोना संक्रमितों को भारतीय सीमा में प्रवेश कराने की साजिश का पता लगने के बाद बॉर्डर पर इंतजाम और सख्त कर दिए गए। 42 बैरियर प्वाइंट बनाकर नेपाल, उत्तराखंड के अलावा गैैर जनपदीय सीमाएं भी सील कर दी गई थीं। तब यह दावा किया गया था कि किसी तरह की आवाजाही नहीं होने दी जाएगी, मगर भारत-नेपाल सीमा पर लगातार रास्ते पार कर मजदूरों और माल से भरे वाहनों के भारत पहुंचने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अगर मजदूर इतनी आसानी से सीमा पार करके भारत की सीमा में आ गए तो साजिश रचने वालों पर शिकंजा कैसे लगाया जा सकेगा?
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मझोला में पकड़े शाहजहांपुर से पैदल आए सात मजदूर
मझोला। उत्तराखंड के चंपावत, हल्द्वानी में रहने वाले सात मजदूर बुधवार सुबह शाहजहांपुर की सीमा पार करके पैदल घर वापस जा रहे थे। वह शाहजहांपुर के बाद पीलीभीत के बीसलपुर, बरखेड़ा, सुनगढ़ी, न्यूरिया थाना क्षेत्र के रास्तों से होते हुए उत्तराखंड बॉर्डर से सटे कस्बा मझोला तक आ गए। हालांकि बाद में सूचना मिलने पर चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इन सभी को रोक लिया। अमरिया के नायब तहसीलदार शेर बहादुर सिंह भी आ गए। सीएचसी के डॉ. सौरभ फिरमाल ने इन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। फिर उन्हें शेल्टर होम मेें 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया। मगर, कड़ी सुरक्षा और सीमा सील होने के बाद भी इन मजदूरों का शाहजहांपुर की सीमा पार कर पीलीभीत की सीमा में दाखिल होते हुए उत्तराखंड सीमा तक पहुंच जाना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है।
उत्तराखंड सीमा पार करके साइकिल से आ गए चार लोग
बरखेड़ा में शाहजहांपुर से आने वाले 21 लोग पकड़े
बरखेड़ा। उत्तराखंड सीमा सील होने के बाद वहां से आवाजाही बंद करने के दावे किए गए। मगर, इन दावों पर उस वक्त सवालिया निशान लग गया, जब सीएचसी स्टाफ ने साइकिल पर सवार अधकटा गांव के चार लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे उत्तराखंड के रुद्रपुर में मजदूरी करते हैं। वहां से बुधवार तड़के साइकिल से घर को रवाना हुए। उत्तराखंड की सीमा पार करके साइकिल से ही घर जा रहे थे। पूछताछ के बाद स्वास्थ्य परीक्षण करके उन्हें छोड़ दिया गया। चिकित्सकों ने चारों को घरों पर ही 14 दिन के लिए क्वारंटीन करने को कह दिया। दूसरी ओर शाहजहांपुर सीमा पार करके पैदल आए उत्तराखंड के 21 अन्य लोगों को भी पकड़ा गया। ये सभी पिथौरागढ़, हल्द्वानी और लालकुआं जा रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने चिकित्सकों से इनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। फिर बीसलपुर के शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया।
नेपाल से आए 15 मजदूर क्वारंटीन, रिपोट दर्ज
माधोटांडा। नेपाल में फंसे मल्लपुर और मैनाकोट गांव के रहने वाले 15 मजदूर मंगलवार देर शाम मझारा जंगल के पास पकड़े गए थे। रमनगरा चौकी प्रभारी देवेंद्र कुमार ने उन्हें रोककर पूछताछ की तो सभी ने बताया कि वह नेपाल के गुलड़िया भट्ठे से चलकर भूड़ा शिवनगर होते हुए नेपाल की सीमा को पार करके भारत आए। इसके बाद हजारा थाने की कंबोझनगर चौकी क्षेत्र होते हुए शारदा नदी का रास्ता पार किया। वहां से पैदल कटकवारा को चले। फिर जंगल के रास्ते से मैनाकोट जा रहे थे। इन सबको रात में सीएचसी में स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद 14 दिन तक शेल्टर होम में क्वारंटीन कर दिया गया है। साथ ही उन पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इंस्पेक्टर शहरोज अनवर ने बताया कि मल्लपुर गांव निवासी अमित कुमार, आनंदपाल, विनोद कुमार, धर्मेंद्र कुमार, राजेश कुमार, मैनाकोट गांव निवासी फूलचंद, ओमकार, श्रीकिशन, अजयपाल, वीरपाल, रामाधार, जगदीश, रामसरन, यावीन खां, रुद्रपुर गांव निवासी सुखवेंद्र कुमार पर धारा 188 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं बुधवार को अधिकारियों ने एसओजी प्रभारी कमल सिंह को टीम के साथ सीमावर्ती इलाके में भेजा। एसओजी टीम ने पुलिस कर्मियों और एसएसबी के जवानों से इस बारे में जानकारी की। इसके बाद सीमा क्षेत्र में पैदल गश्त कर हालात परखे।
होम क्वारंटीन थे सभी, अब बढ़ेंगी मुश्किल
बीसलपुर। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह बरखेड़ा में पकड़े गए 21 मजदूरों की जांच कर ली गई है। ये शाहजहांपुर की एक फैक्टरी में काम करते हैं। उन्हें स्क्रीनिंग के बाद घरों पर ही क्वारंटीन किया गया था। इसकी समय सीमा पूरी करने से पहले ही सभी मजदूर अपने घर उत्तराखंड जाने के लिए चुपचाप निकल आए थे। शाहजहांपुर के अधिकारियों से बातचीत की गई है। इन्हें शाहजहांपुर में ही सुपुर्दगी में दिया जाएगा।
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