पीलीभीत। बीते 48 घंटे में राहत की बात यह रही कि जनपद में कोरोना वायरस से संबंधित कोई नया मामला सामने नहीं आया। कोरोना संदिग्ध डॉक्टर की जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। वहीं आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित मां- बेटे की हालत में भी सुधार बताया गया है।
कोरोना के देश भर में बढ़ रहे संक्रमण के बावजूद पीलीभीत के लोगों के लिए फिलहाल राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले 44 घंटे से कोरोना से जुड़ा कोई नया मामला सामने नहीं आया है। कोरोना संदिग्ध डॉक्टर की जांच रिपोर्ट भी स्वास्थ्य विभाग को मिल चुकी है। इसमें डॉक्टर में कोरोना का संक्रमण नहीं पाया गया है। वहीं जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती अमरिया ब्लॉक के संक्रमित मां- बेटे की हालत में भी सुधार होने की बात डॉक्टर कह रहे हैं। इन हालातों से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल राहत की सांस ली है।
कोरोना से संक्रमित मां- बेटे की दोबारा होगी सैंपलिंग
सऊदी अरब से 20 मार्च को अपने पति और बेटे से साथ लौटी अमरिया निवासी महिला को स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध पाते हुए उसी रात जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। अगले दिन महिला का सैंपल लखनऊ जांच को भेजा गया था। इसके बाद महिला के बेटे को भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उसका भी सैंपल जांच को भेजा गया। दोनों की अलग-अलग आई जांच रिपोर्ट में मां और बेटे कोरोना संक्रमित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने महिला के पति, पुत्रवधू और घर में किराए पर रह रही एक एएनएम के ब्लड सैंपल भी जांच को भेजा गया था, तीनों की ही जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। कोरोना से संक्रमित मां-बेटे का इलाज कर रहे जिला अस्पताल के डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि दोनों की हालात में सुधार हो रहा है। उन्हें खांसी-जुकाम और बुखार भी न के बराबर रह गया है। हालांकि अभी 14 दिन पूरे होने तक दोनों को आइसोलेशन वार्ड में ही रखा जाएगा। दो-चार दिन में ही दोनों का दोबारा सैंपल भेजा जाएगा।
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। कोरोना संदिग्ध डॉक्टर की जांच रिपोर्ट भी निगेटिव पायी गयी है। फिलहाल पूरी निगाह रखी जा रही है। प्रत्येक नागरिक लॉकडाउन का पालन करे। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ